महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बाद परिजनों की सुरक्षा में लगे सुरक्षा गार्ड सोमवार को हटा लिए गए। उनके घर पर एक हेड कांस्टेबल और तीन सिपाही तैनात थे। अब एफआईआर दर्ज कराने वाले इंद्रकांत के छोटे भाई रवि त्रिपाठी की सुरक्षा में तैनात एक गनर ही है। उधर, सुरक्षा हटाए जाने से खफा रवि ने अपनी और परिवार की हत्या की आशंका जताई है।
कबरई कस्बा निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले की रिपोर्ट छोटे भाई अधिवक्ता रविकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार (निलंबित) समेत तीन पुलिस कर्मियों व दो व्यापारियों पर भ्रष्टाचार व धमकी देने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मणिलाल पाटीदार को छोड़कर सभी आरोपी लखनऊ जेल में बंद हैं।
इंद्रकांत त्रिपाठी (मृतक कारोबारी) आईपीएस मणिलाल पाटीदार
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जबकि फरार मणिलाल पर उन्हीं के विभाग ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा है। इंद्रकांत की मौत का मामला सुर्खियों में आने के बाद सितंबर 2020 में पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले छोटे भाई रवि की सुरक्षा में एक गनर तैनात किया गया था। साथ ही परिवार की सुरक्षा में एक हेड कांस्टेबल व चार सिपाही घर के बाहर तैनात थे। वर्तमान समय में एक हेड कांस्टेबल व तीन सिपाही तैनात थे।
सोमवार को आला अफसरों ने इंद्रकांत के घर पर तैनात सुरक्षा गार्ड वापस ले लिए। इस संबंध में आदेश मिलने के बाद पुलिसकर्मी वापस पुलिस लाइन आ गए। सुरक्षा हटाए जाने से खफा इंद्रकांत के भाई रवि का कहना है कि घटना के मुख्य आरोपी पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। वह जल्द ही आला अफसरों से मिलकर सुरक्षा की गुहार लगाएंगे। वह मामले में गवाह भी हैं।
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी 8 सिंतबर 2020 को गोली लगने से घायल हो गए थे। 13 सितंबर को उनकी कानपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। घटना से पहले सात सितंबर को इंद्रकांत ने सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड किया था। इसमें तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, कबरई थानाध्यक्ष रहे देवेंद्र कुमार शुक्ला, सिपाही अरुण यादव और व्यापारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त पर भ्रष्टाचार व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था।