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पूर्व एसपी मणिलाल पर घोषित है इनाम, गिरफ्तारी के लिए तेजतर्रार डिप्टी एसपी से मांगी मदद

Sat, 09 Jan 2021 03:53 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा मनीष निगम, अमर उजाला, कानपुर
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इंद्रकांत त्रिपाठी (मृतक कारोबारी) आईपीएस मणिलाल पाटीदार - फोटो : amar ujala
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महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में फरार 50 हजार के इनामी पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को दबोचने के लिए पुलिस अफसरों ने कानपुर नगर में तैनात एक तेजतर्रार डिप्टी एसपी की मदद लेने का फैसला लिया है। महोबा के एक अफसर ने इस डिप्टी एसपी को मामले में बातचीत के लिए बुलावा भी भेजा है।
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माना जा रहा है कि यह डिप्टी एसपी जल्द ही यहां स्थानीय अफसरों से बातचीत कर पूर्व एसपी का सुराग लगाने की जिम्मेदारी संभाल लेंगे। क्रशर कारोबारी इंद्रकात त्रिपाठी की मौत के मामले में नामजद पूर्व एसपी मणिलाल को घटना के चार महीने बाद भी पकड़ पाना तो दूर पुलिस उनका सुराग भी नहीं लगा सकी है
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इंद्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
गिरफ्तारी के लिए जिला के साथ ही प्रयागराज जोन, चित्रकूट रेंज स्तर पर पुलिस की टीमें बनाई गई हैं। पुलिस अफसरों के मुताबिक राजस्थान के डूंगरपुर स्थित पूर्व एसपी के घर, प्रदेश के विभिन्न जिलों, मध्यप्रदेश के सभी संभावित जगह दबिश दी गईं हैं। महोबा पुलिस की टीमें अभी भी मणिलाल की लोकेशन के आधार पर लखनऊ, प्रयागराज आदि स्थानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। 

इधर, मणिलाल की गिरफ्तारी को लेकर लखनऊ और प्रयागराज में बैठे पुलिस के आला अफसर महोबा पुलिस पर दबाव बनाए हुए हैं। इसलिए स्थानीय अफसरों ने कानपुर में तैनात एक डिप्टी एसपी की मदद लेने का फैसला लिया है। यह डिप्टी एसपी देश व प्रदेश के संगीन अपराधों में शामिल रहे बड़े अपराधियोें की गिरफ्तारी और मुठभेड़ में मार गिराने को लेकर चर्चित हैं।
 
यह था मामला
कबरई निवासी इंद्रकांत त्रिपाठी आठ सितंबर, 2020 को गोली लगने से घायल हो गए थे। 13 सितंबर को उनकी कानपुर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। घटना के एक दिन पहले इंद्रकांत सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर तत्कालीन एसपी मणिलाल (निलंबित), तत्कालीन कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार शुक्ला, सिपाही अरुण यादव (दोनों बर्खास्त) और दो व्यापारियों पर भ्रष्टाचार व धमकी देने का आरोप लगाया था। पांचों आरोपियों के खिलाफ कबरई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मणिलाल को छोड़कर सभी आरोपी जिला कारागार लखनऊ में बंद हैं।
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