महोबा। जिले में हुए फसल बीमा घोटाले में खरीफ-2024 की तरह रबी सीजन-2024 में भी घोटाले की आशंका बढ़ती जा रही है। इस सीजन में भी फसलों के नुकसान के व्यक्तिगत दावों में हवा हवाई सत्यापन कर लाखों रुपये के क्लेम भुगतान की बात सामने आई है।
क्रॉप कटिंग सर्वे में जिन आठ गांवोंं में एक रुपये का भी क्लेम नहीं दिया गया। वहीं व्यक्तिगत दावा के रूप में 1.76 करोड़ का भुगतान किया गया। खरीफ के बाद अब रबी सीजन में घोटाले की आशंका के चलते किसान संगठन इसकी जांच की मांग भी उठाने लगे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी सीजन-2024 में जिले के चरखारी ब्लॉक की ग्राम पंचायत पहरेथा के 181 किसानों ने फसल बीमा कराया। इसमें से 27 लाख रुपये का क्लेम व्यक्तिगत दावा के आधार पर दिया गया।
यहां की ग्राम पंचायत कुआं में 21 लाख रुपये, लटौरा में 17 लाख रुपये और काकुन में 14 लाख रुपये का भुगतान व्यक्तिगत दावा के आधार पर किया गया। संतोषपुरा गांव के केवल 65 किसानों ने ही फसल बीमा कराया और यहां पर 24 लाख रुपये का भुगतान व्यक्तिगत दावा के आधार पर कर दिया गया जबकि इन गांवों में क्राॅप कटिंग के आधार पर कोई क्लेम नहीं दिया गया। बीमा कराने वाले किसानों में से कुछ चुनिंदा किसान ही इन ग्राम पंचायतों में क्लेम पाने में सफल हुए हैं।
वहीं, ब्लॉक कबरई की ग्राम पंचायत सुरहा में 176 किसानों ने बीमा कराया और व्यक्तिगत दावा के रूप में 24 लाख रुपये क्लेम भुगतान हुआ। छानीकलां में 28 लाख रुपये का क्लेम बीमा कराने वाले 188 किसानों में से कुछ विशेष किसानों को दिया गया। इसी तरह से बरबई गांव में केवल 74 किसानों ने ही बीमा कराया और इनमें से कुछ किसानों को 21 लाख रुपये का भुगतान किया गया।