मौदहा (हमीरपुर)। बारिश से खरीफ की फसलें बर्बाद हो गई हैं। भारतीय किसान यूनियन ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने प्रभावित गांवों में फसलों का सर्वेक्षण कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष शिवपूजन निषाद ने बताया कि तिल, मूंग, उड़द, रागी, कोदो, बाजरा और ज्वार की फसलें बारिश से लगभग पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। किसानों ने जून-जुलाई में खरीफ की फसलें बोई थीं। हाल में लगातार हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया है। इससे फसलों को भारी नुकसान हुआ है। चंद्रावल नदी के विरहटे वाले क्षेत्र में खेतों की फसलें और सब्जी की बाड़ियां भी नष्ट हो गई हैं।
ग्राम करहिया के किसानों ने भी एसडीएम को ज्ञापन देकर मुआवजा मांगा है। किसानों के मुताबिक भारी बारिश के कारण तिलहन और उड़द की फसल 70 से 80 प्रतिशत तक नष्ट हो गई है। खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है। किसानों का कहना है कि खरीफ की फसल से होने वाली आय के सहारे उन्हें रबी की बुवाई के लिए बीज, खाद और पानी की व्यवस्था करनी थी लेकिन फसल बर्बाद होने से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।