खरेला (महोबा)। अर्जुन बांध चरखारी से कस्बा खरेला में होने वाली पेयजल आपूर्ति 15 दिन से ठप है। सैकडों हैंडपंप भी खराब है। जिन्हें आजतक दुरुस्त नहीं कराया गया। बच्चे, महिलाएं व युवा सुबह से ही दूर-दराज स्थित जलस्त्रोतों से पानी लाकर प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
30 हजार की आबादी वाले कस्बा खरेला में सामूहिक पेयजल योजना के तहत आपूर्ति होती है। 15 दिन से कस्बे में पानी की एक बूंद-बूंद नहीं पहुंची है। सुबह से लोग पानी आने का इंतजार करते है लेकिन एक बूंद भी न टपकने से मायूस होकर दूर-दराज के जलस्त्रोतों का सहारा लेते हैं।
कस्बे में 400 से अधिक हैंडपंप स्थापित है। जिनमें से 250 हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। जो हैंडपंप सही हैं, वह खारा पानी उगल रहे हैं। वीरेंद्र, पारस सिंह, प्रिंस कुमार, प्रसाद कुशवाहा, देवेंद्र पांडेय आदि का कहना है कि हैंडपंप दुरुस्त कराने के लिए कई बार नगर पंचायत प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन आज तक सुधार नहीं हुआ।
प्रभारी ईओ राकेश कुमार का कहना है कि खराब हैंडपंपों को दुरस्त कराने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। जिस वार्ड में पेयजल समस्या की शिकायत मिलेगी, वहां टैंकरों से आपूर्ति कराई जाएगी।
बस स्टैंड व अस्पताल में भी पेयजल का संकट
कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व बस स्टैंड में भी पेयजल संकट से लोग बूंद बूंद पानी को जूझ रहे हैं। अस्पताल में लगे तीनों हैंडपंप खराब होने से आने वाले मरीज पानी के लिए परेशान रहते हैं। मजबूरी में मरीजों, तीमारदारों व स्वास्थ्यकर्मियों को खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है। बस स्टैंड में थाना गेट पर लगे दोनों हैंडपंपों में पुलिस महकमा सबमर्सिबल पंप लगाए है, जिससे लोगों को पानी नहीं मिलता। नगर पंचायत व समाजसेवियों द्वारा खोले जाने वाले नि:शुल्क प्याऊ का भी इस वर्ष कोई इंतजाम न किए जाने से पेयजल संकट बरकरार है।