महोबा। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना जनपद के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। दावा किया जा रहा है कि जिले के बांध और तालाब पानी से लबालब होंगे। कृषि भूमि के वृहद क्षेत्रफल को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
बताया जा रहा है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से जिले की 45 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। करीब पांच लाख लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा। पूर्व सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने बताया कि 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योजना का शिलान्यास करेंगे। सिंचाई व पेयजल के लिए जिले के लोग बीते तीस साल से परेशान हैं।
बताया कि केन-बेतवा मुख्य नगर से दो चैनल बनाकर महोबा में पानी लाया जाएगा। एक चैनल से उर्मिल डैम से सिलारपुर, मदनसागर, कीरत सागर, बीजानगर तालाब से होते हुए दिससरापुर तालाब में पानी पहुंचाया जाएगा।
दूसरे चैनल से मझगवां डैम से होते हुए बेलासागर, कुलपहाड़, कमालपुरा व रैपुरा तालाब तक पानी लाया जाएगा। इस पर 5,735 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कार्य आगामी तीन साल में पूरा होगा। अगले चरण में सभी 11 तालाबों से अतिरिक्त नहरों से पाइपलाइन बिछाकर प्रत्येक खेत में स्प्रिंकलर के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था की जाएगी।
पूर्व सांसद ने सदन में की थी मांग
महोबा। बुंदेलखंड में सिंचाई व पेयजल संकट से निपटने के लिए नदी जोड़ो परियोजना की मांग पूर्व सांसद कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ने 21 जून 2019 को संसद में की थी। तब तत्कालीन जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने उनकी मांग को जायज बताया था।
कैबिनेट की बैठक में केन-बेतवा लिंक परियोजना को मंजूरी दी गई थी। इससे पहले वर्ष 2017 में पूर्व सांसद ने तत्कालीन जलशक्ति मंत्री उमा भारती के साथ हेलीकॉप्टर से सर्वे कर सूखाग्रस्त जिले में सिंचाई और पेयजल के लिए पानी की समस्या पर ध्यानाकर्षण कराया था।
महंगापुर के श्री गुरु तेग बहादुर स्कूल में कबड्डी में प्रतिभाग करते स्कूली बच्चे। संवाद