कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय चरखारी में सोमवार को झींगुर मारने की दवा का छिड़काव करने से डेढ़ दर्जन छात्राओं की हालत बिगड़ गई। छात्राओं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
विद्यालय में करीब एक सैकड़ा छात्राएं रहती हैं। सोमवार को वहां झींगुर मारने की दवा का छिड़काव कराया गया। कुछ देर बाद ही, 18 छात्राआें की हालत बिगड़ने लगी। छात्राओं के सिर में तेज दर्द के साथ उल्टियां होने लगीं। वार्डन ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी में भर्ती कराया।
सूचना मिलते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार, एबीएसए क्षमा पांडेय, डायट प्राचार्य सीएल चौरसिया व चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत अस्पताल पहुंचे और छात्राओं का हालचाल जाना। आवासीय विद्यालय की वार्डन पूनम द्विवेदी का कहना है कि विद्यालय में झींगुर मारने की दवा का छिड़काव कराया गया है।
कौन सी दवा और किसके आदेश पर छिड़काव कराया गया इस सवाल पर उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय चरखारी में दवा के छिड़काव से दिव्या, हाजरा, बबली, सुनीता, संध्या, रिंकी, प्रार्थना, दीप्ति, क्षमा, कल्पना, छाया, आकांक्षा, असवंती, विनीता, अफसा, निशा, अंजली व कुंजी की हालत बिगड़ गई। इन छात्राओं की उम्र 13 से 14 वर्ष है।
सीएचसी के डॉ. विनय पटेल का कहना है कि यह फूड प्वाइजिंग का मामला नहीं है। दवा का छिड़काव होने से दुर्गंध की एलर्जी के कारण छात्राओं की हालत बिगड़ी है। जी मचलाना व घबराहट की शिकायत होने पर उपचार के बाद सभी छात्राओं की हालत में सुधार होने पर छुट्टी कर दी गई है।