कुलपहाड़ (महोबा)। कस्बा कुलपहाड़ के प्राचीन काली माता मंदिर में शुक्रवार से सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ हो गया।
पहले दिन कस्बे में गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगलगीत गाते हुए शामिल हुईं। कथावाचिका ने पहले दिन भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डाला।
मोहल्ला सोनीगंज स्थित काली माता मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा विभिन्न मांर्गों से होकर गुजरी। डीजे की धुन पर बज रहे भक्तिगीतों पर युवतियां थिरकतीं चलती रहीं। इसके बाद महिलाएं सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं।
यजमान दुलीचंद्र सोनी और ओमवती ने बताया कि कथा प्रतिदिन शाम छह बजे से नौ बजे तक चलेगी। 30 मई को समापन के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
भागवत कथा के पहले दिन कथा वाचिका देवी राधिका ने कहा कि जिस स्थान पर भागवत कथा का आयोजन होता है। वहां भगवान स्वयं विराजमान रहते हैं। भागवत कथा सुनने व पढ़ने मात्र से मानव के सभी दुख दूर हो जाते हैं।