फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mahoba News: रासलीला व फूलों की होली से वृंदावनमय हुआ कजली मेला

विज्ञापन
फोटो 05 एमएएचपी 02 परिचय-दिवारी नृत्य की शानदार सामूहिक प्रस्तुति देतीं साक्षी कुमारी व रमापत ग
विज्ञापन
महोबा। ऐतिहासिक कीरत सागर तट पर चल रहे कजली मेले में सात दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुक्रवार की रात समापन हो गया। अंतिम शाम रसिक इंटरनेशनल इवेंट ग्रुप कानपुर के कलाकारों के नाम रही। उन्होंने राधा-कृष्ण के गीतों पर प्रस्तुतियों के साथ फूलों की होली खेली। इससे पूरा माहौल वृंदावनमय हो गया। मेले के अंतिम दिन हजारों की संख्या में मेला प्रेमियों की भीड़ जुटी।
विज्ञापन

जिलाधिकारी गजल भारद्वाज और अपर जिलाधिकारी वित्त इंद्रनंदन सिंह ने दीप जलाकर कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। पुष्पेंद्र कुमार निर्भय ने भजनों की प्रस्तुति दी। जनपद झांसी से आई रघुवीर सिंह एंड पार्टी ने बुंदेली राई-नृत्य पेश किया। जयप्रकाश पटैरिया ने बुंदेली लोक गायन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने दर्शकों की मांग पर बैरन हो गई जुनईया में कैसे करूं गीत भी सुनाया।
मवईखुर्द की साक्षी और रमापत एंड टीम ने दिवारी और पाई-डंडा नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों ने पिरामिड बनाकर दिवारी-नृत्य, सिर पर पहिया घुमाना और कंधे पर दो बच्चों को घुमाना जैसे करतब दिखाए। उन्होंने तिरंगा फहराकर भी अपनी प्रस्तुति दी। मनमोहन सिंह बावला दृष्टि दिव्यांग संगीत समिति के मोहित शुक्ला एंड टीम ने शानदार फिल्मी नगमे सुनाए। दिव्यांग गीतकारों ने शीशे की उम्र प्यार की आखिर बिसात क्या और अफगान जलेबी जैसे गीत पेश किए।
विज्ञापन

जनपद झांसी की राधा प्रजापति एंड टीम ने मनमोहक राई-नृत्य प्रस्तुत किया। कलाकारों ने मुख में राजाराम हृदय में बसे जानकी जैसे बुंदेली गीतों पर नृत्य किया। बृजेश सिंह और पायल कुशवाहा एंड टीम ने राजा हरिश्चंद्र नाट्य का मंचन किया जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
फिल्मी और भक्ति गीतों की धूम
नम: एंटरटेनमेंट की इंडियन आइडल नाइट में दिव्यांशी मौर्या ने प्रस्तुति दी। उन्होंने वो किसना है, तू शायर है मैं तेरी शायरी, कोई जाए तो ले आए मेरी लाख दुआएं पाएं व महबूब मेरे-महबूब मेरे जैसे फिल्मी गीत गाए। ग्रुप के एक अन्य गीतकार ने सारा जमाना हसीनों का दीवाना गीत सुनाया। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों का खूब आनंद लिया।

महारास और फूलों की होली
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति क्रांति गुप्ता की ओर से रसिक इंटरनेशनल इवेंट ग्रुप कानपुर के कलाकारों ने दी। कलाकारों ने वृंदावन का महारास प्रस्तुत किया। उन्होंने चारों धामों से निराला बृज धाम दर्शन कर लो जी और तुम प्रेम हो तुम प्रीत हो मेरी बांसुरी का गीत हो जैसे भक्ति गीत गाए। भगवान शिव पर आधारित ओ भोलेनाथ जी और अघोरी हूं मैं जैसे गीत भी पेश किए गए। कृष्ण जन्माष्टमी के तहत कृष्ण के जन्म की लीला का भी मंचन हुआ। अंत में कलाकारों ने दर्शकों और अधिकारियों के साथ फूलों की होली खेली। सभी ने एक-दूसरे को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी। कार्यक्रमों का संचालन शिक्षिका अपर्णा नायक ने किया। यहां पर सीडीओ बलराम कुमार, एसडीएम शिवध्यान पांडेय, जिला बचत अधिकारी देवेश, पर्यटन अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त श्रीवास्तव, समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी, अधिशासी अधिकारी अवधेश कुमार, अरुण शुक्ला आदि गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

ऐसी माटी न भारत के खंड-खंड में....
कजली मेले की अंतिम शाम सांस्कृतिक मंच पर बुंदेली लोकगायन की धूम रही। जनपद झांसी के मऊरानीपुर से आई श्यामलाल धमनिया एंड पार्टी के कलाकारों ने बुंदेली लोक गीतों की प्रस्तुति दी। ऐसी माटी न भारत के खंड-खंड में जनम दियो विधाता बुंदेलखंड में गीत की प्रस्तुति पर दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। अधिकारियों ने कलाकारों ने स्मृति चिह्न व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

फोटो 05 एमएएचपी 02 परिचय-दिवारी नृत्य की शानदार सामूहिक प्रस्तुति देतीं साक्षी कुमारी व रमापत ग

फोटो 05 एमएएचपी 02 परिचय-दिवारी नृत्य की शानदार सामूहिक प्रस्तुति देतीं साक्षी कुमारी व रमापत ग

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें