महोबा। पालिका प्रशासन की उदासीनता के चलते सुभाष चौकी के पास बनाया गया पार्क उपेक्षा का शिकार हो रहा है। पार्कों की देखरेख न होने से पार्क में लगाए गए, झूले, सीमेंट की कुर्सियां गायब हो गईं हैं। जिससे अब पार्क कूड़ा घर में तब्दील हो गया है। जिससे लोगों ने पार्क में आना-जाना बंद कर दिया है।
शहर का मुख्य चौराहा सुभाष चौक के पास सड़क के दोनों तरफ दो छोटे छोटे-छोटे पार्क बनाए गए थे। पार्कों में हरी घास लगी हुई थी। पार्क शहर के बीचों बीच में होने से यहां पर सुबह शाम लोगों की भारी भीड़ जमा होती थी। लोग पार्कों में लगी हरी घास का आनंद लेते थे। पार्क के पेड़ पौधों की सुरक्षा के लिए चारों तरफ से लोहे की फेंसिंगवाल करा दी गई थी, लेकिन प्रशासन उदासीनता और देखरेख के अभाव में दोनों पार्क बेकार पड़े हैं। जिससे पार्क के किनारे दुकानदारों ने चाट और चाय की दुकानें सजा ली हैं। ग्राहकों के रुकने से चाय के जूठे डिसपोजल गिलास और चाट के दोने पत्तल पार्क के अंदर फेंक दिए जाते हैं, जिससे पार्क कूड़ाघर में तब्दील हो गया है। वहीं दूसरे पार्क में बाइक और टेंपो मिस्त्रियों ने टेंपो और बाइकों को सुधारने का काम शुरू कर दिया है।
टेंपो स्टैंड बना सुभाष चौक पार्क
देखरेख के अभाव में सुभाष चौक पार्क टेंपो स्टैंड बनकर रह गया है। पार्क की हरियाली, पौधे गायब हो जाने पर अब टेंपो मिस्त्रियों ने पार्क के अंदर टेंपो खड़ी करके उनकी मरम्मत का काम करना शुरू कर दिया है। पार्क को आसपास के दुकानदार पार्क की जमीन का उपयोग अपने निजी इस्तेमाल में कर रहे हैं, जिससे पार्क धीरे धीरे अपना वजूद खोता जा रहा है।