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जिले में तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप

Wed, 30 Sep 2015 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो महोबा।
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महोबा। जिले में पिछले तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप होने से लोग पानी के लिए परेशान है। बुधवार को सैकड़ों महिला पुरुषों ने जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर जेई का घेराव किया, गुस्साएं लोगों ने बाद में डीएम कैंप कार्यालय पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। गुस्साए लोग सड़कों पर बैठ गए। तीन दिन जलापूर्ति न होने से जिले में मारामारी मची हुई है।
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शहर में उर्मिल बांध और मदन सागर से पानी की आपूर्ति की जाती है। मदन सागर के 90 फीसदी से ज्यादा सूख जाने से पानी साइफन से तीन फीट नीचे चला गया है। जिससे अब मदन सागर से पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई है। इसी तरह उर्मिल बांध में भी पांच मीटर पानी नीचे चले जाने से शहर में बनाए गए तीन सीडब्ल्यूआर टैंक और एक ओवरहेड टैंक न भर पाने के कारण शहर में तीन दिनों से पानी की आपूर्ति ठप है, जिससे लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। जिससे मजबूरन लोगों को हैंडपंपों और कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। बुधवार को तीन दिन से पेयजल आपूर्ति न किए जाने के विरोध में नागरिकों ने पहले जल संस्थान कार्यालय पहुंचकर जेई का घेराव किया गुस्साए लोगों ने बाद में डीएम कैं प कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा काटा और सड़कों में प्रदर्शन किया। बताते चले कि जिले में पिछले तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति बुरी तरह लड़खड़ा गई है। बांधों में पानी कम होने से जल निगम भी कम पानी की सप्लाई कर रहा है, जिससे पानी की विकराल समस्या पैदा हो गई है। इस साल बारिश न होने के कारण कुओं, बांध और तालाबों का पानी पूरी तरह से सूख गया है। जिससे शहर में पानी की आपूर्ति गड़बड़ा गई है। चरखारी प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के अलावा खरेला और रिवई में अर्जुन बांध से पानी की आपूर्ति की जाती है। जल संस्थान द्वारा नियमित पानी की आपूर्ति न किए जाने से बढ़ती पेयजल समस्या को देखते हुए समाजसेवी अशोक महाराज ने टैंकर लगाकर मोहल्लों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। बेलाताल प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे सहित मुढारी, सुगिरा में बेलासागर से पानी की आपूर्ति की जाती है। बेलासागर में पानी कम होने से क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से पेयजल आपूर्ति प्रभावित है। वहीं कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में ट्यूबवेल और तालाब से पानी की आपूर्ति की जाती है। बारिश न होने से इस जलस्तर नीचे खिसक जाने से ट्यूबवेलों से की जाने वाली पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। नतीजतन तीन दिन में एक दिन पानी मिल रहा है।

लोग रात को जागकर भर रहे पानी
जिले में तीन दिन पेयजल आपूर्ति न होने के कारण पानी को लेकर हायतौबा मची हुई है। जिससे अब लोग  हैंडपंपों और कुओं का सहारा ले रहे है। हालत यह है कि तालाब बांधों के सूखने से कुओं और हैंडपंपों का जलस्तर तेजी से नीचे की ओर खिसक रहा है। बढ़ते पेयजल संकट को देखते हुए लोग हैंडपंपों और कुओं से रातों  को जागकर पानी भर रहे है।
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जिले में पचास रुपये बिक रहा मीठा पानी
तीन दिन से शहर में पानी न आने के कारण लोगों के लिए पीने के पानी के लाले पड़े हैं। नतीजतन हैंडपंपों से पानी भरकर घरेलू उपयोग में इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन पीने के पानी के लिए लोग वाटर प्लांटों से केन खरीद कर प्याय बुझा रहे है। जिससे अब लोगों को प्यास बुझाने के लिए  50 रुपये प्रति केन पानी खरीदना पड़ रहा है, जबकि गरीब वर्ग के लोग खारा पानी ही पी रहे है।

शहर में उर्मिल बांध और मदन सागर से जबकि चरखारी खरेला, रिवई में अर्जुन बांध से पानी की आपूर्ति की जाती है। तालाबों के सूख जाने और बांधों में पानी काफी कम हो जाने के कारण पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। उर्मिल बांध में लगे मोटर बिजली कटौती के चलते थोड़ा बहुत ही चल पाते है, जिससे महोबा में बने टैंक पूरे नहीं भर पा रहे हैं।
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                 एसके वर्मा
    अवर अभियंता, जल संस्थान महोबा
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