वर्षो से धूल और गड्ढों में चलने का दंश झेल रहे शहर के लोगों को जिला प्रशासन द्वारा सीसी सड़क निर्माण की दी गई सौगात को पीडब्ल्यूडी के अभियंता पलीता लगा रहे हैं। एक फुट की सीसी सड़क का निर्माण बिना सरिया के कराया जा रहा है। जिससे उसकी गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगने लगा है।
परमानंद तिराहे से कीरत सागर आलमपुरा होते हुए बजरिया क्रासिंग तक जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। जिससे पूरी सड़क में धूल क ा गुबार उड़ता था। जिससे शहर के लोगों का चलना भी दूभर हो गया था। व्यापारियों की मांग पर जिलाधिकारी ने इस मार्ग के नए सिरे से निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत कर पीडब्ल्यूडी को जलभराव वाले क्षेत्र में सीसी बनाने और ऊंचाई वाले क्षेत्र में डामरीकृत मार्ग बनाने के निर्देश दिए थे। पीडब्ल्यूडी ने जिलाधिकारी के निर्देश पर सड़क के टेंडर कराकर हाल ही में तेजी से काम शरू करा दिया। जिसमें परमानंद तिराहे से बजाज एजेंसी तक एवं बल्देव फैक्ट्री से कीरत सागर और जल निगम की पानी की टंकी तक स्टेशन रोड में दो किमी सीसी सड़क का निर्माण कराया जाना है।
कीरत सागर के पास गड्ढों के चलते पैदल चलना भी दूभर हो गया है लोगों की मांग पर आज तक गड्ढे भी नहीं भरवाए गए ताकि सड़क सीसी बनने से पहले वाहन चलने से और अधिक मजबूत हो सके। लेकिन व्यापारियों के सुझाव को दर किनार कर विभागीय अभिंयता तेजी से सीसी का निर्माण करा रहे हैं। सड़क में लोड के हिसाब से सीसी पर सरिया का जाल नहीं बिछाया जा रहा है। बिना सरिया के जाल के कब तक यह सड़क स्थाई रूप से टिक सकेगी। जानकार अभियंताओं ने निर्माण पर प्रश्न चिंह लगाना शरू कर दिया है। व्यापार मंडल के चंद्रशेखर स्वर्णकार ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया कि सड़क में सरिया का पर्याप्त प्रयोग करने के आदेश पीडब्ल्यूडी को दिए जाए ताकि स्थाई और मजबूत सीसी का निर्माण हो सके।
पीडब्ल्यूडी के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि स्टीमेट के अनुसार ही मानक को ध्यान में रखकर सरिया का प्रयोग किया जा रहा है। साथ ही गुणवत्ता पर ध्यान देने के लिए सहायक अभियंता को मौके पर रहकर कंकरीटिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह ने बताया कि यह शहर की महत्वपूर्ण सड़क है। इसके निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।