परिजनों को ढांढ़स बंधाते लोक निर्माण मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय।
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महोबा/कुलपहाड़। कस्बा कुलपहाड़ के मोहल्ला कठबरिया में दो दिन पहले तीन बच्चों की हत्या व मां का फांसी पर लटकता शव मिलने की घटना के बाद मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा है। रविवार की रात प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने परिजनों से घटना की जानकारी लेते हुए शोक संवेदना व्यक्त की। पुलिस को घटना की सच्चाई सामने लाने के निर्देश दिए हैं।
मोहल्ला कठबरिया निवासी कल्याण सिंह यादव की पत्नी सोनम, पुत्र विशाल और पुत्री आरती व अंजलि के शव चार दिसंबर की सुबह बंद कमरे में मिले थे। हालांकि अभी तक पुलिस घटना के किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है और न ही परिजनों ने किसी प्रकार की तहरीर दी है।
रविवार की रात लोक निर्माण मंत्री ने चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष जेपी अनुरागी, भाजपा जिलाध्यक्ष जीतेंद्र सिंह सेंगर, मंडल अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह, निकाय प्रकोष्ठ के सह संयोजक अमित प्रताप सिंह आदि के साथ मृतक परिवार के घर पहुंच ढांढस बंधाया। उन्होंने मृतका के ससुर नाथूराम से पूरी जानकारी और हर संभव मदद का भरोसा दिया। कहा कि मृतका के नाम कृषि भूमि है। उसे सरकारी सहायता दिलाई जाएगी। राज्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए।
लिखित सहमति पर पुलिस ने कल्याण को छोड़ा
कठबरिया मोहल्ले में तीन बच्चों की हत्या व मां के फांसी पर लटकते मिलने के मामले में दो दिन बाद भी परिजनों ने किसी प्रकार की तहरीर नहीं दी। सोमवार को पूरे दिन मायके और ससुराल पक्ष के लोगों के बीच समझौतों के लेकर वार्ता चलती रही लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। बाद में इस बात पर सहमति बनी कि जब तक दोनों पक्षों के बीच कोई रास्ता नहीं निकल आता, थाने में तहरीर नहीं दी जाएगी। मृतका के भाई भान सिंह ने बताया कि यदि बहनोई कल्याण सिंह की इस मामले में संलिप्तता नहीं पाई जाती तो उन्हें कोई एतराज नहीं है लेकिन संलिप्तता मिलने पर कार्रवाई जरूर कराएंगे। सोमवार को शुद्घता होने के चलते दोनों पक्षों ने थाने में लिखित रूप से सहमति दी कि हिरासत में लिए गए कल्याण सिंह को छोड़ दिया जाए और जब भी जरूरत होगी वह थाने में उपस्थित होगा।