फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम आवास की किस्त न आने से अधूरे पड़े आवास

विज्ञापन
विज्ञापन
महोबा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित हुए लाभार्थियों की एक साल बाद भी दूसरी और तीसरी किस्त न आने से गरीबों के आशियाने नहीं बन पा रहे हैं। कड़ाके की ठंड उन्हें रिश्तेदारों या किराये के मकान में रहकर गुजारनी पड़ी। गरीब लाभार्थियों की किस्त जारी नहीं की जा रही हैं।
विज्ञापन

जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6,000 लाभार्थियों का चयन हुुआ है। 50 हजार रुपये की पहली किस्त आने के बाद लाभार्थियों ने अपने कच्चे मकानों को गिराकर उसका निर्माण शुरू करा दिया। धनराशि कम पड़ने पर गरीबों ने किसी तरह फाउंडेशन तैयार करा दिया। जिससे उनकी दूसरी किस्त आ सके। निर्माणाधीन मकान की फोटो भी खिचवाकर डूडा विभाग को भेज दी गई लेकिन आजतक विभाग ने दूसरी किस्त जारी नहीं की है। जिससे भवन का निर्माण शुरु नहीं हो पा रहा है।
इसी तरह दूसरी किस्त पाने वाले लाभार्थी तीसरी किस्त के लिए विभाग के चक्कर काट रहे हैं। डूडा विभाग की लापरवाही का खामियाजा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। हालात यह है कि एक-एक साल से किस्त न आने के कारण हजारों रुपये लाभार्थी मकान के किराए में दे चुके हैं। मोहल्ला काजीपुरा निवासी शमीम बेगम पत्नी अहमद अली, मकानियापुरा निवासी सरबरी पत्नी स्व. इसराइल अंसारी, किदवई नगर कबरई निवासी विद्या पत्नी स्व. नत्थूदीन, लीला पत्नी स्व. मोहन सिंह, संतोष, रामनाथ पुत्र रामदयाल, आजाद नगर निवासी रामअवतार पुत्र कालीचरण सहित सैकड़ों लाभार्थियों की दूसरी और तीसरी किस्त एक साल बाद भी नहीं भेजी गई। जिससे भवन अधूरे हैं।
विज्ञापन

निर्माणाधीन भवन की फोटो खिंचवाने के बाद सभी की दूसरी और तीसरी किस्त भेज दी जाती है। कुछ लाभार्थियों के द्वारा आवास बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास न लिखवाए जाने के कारण उनकी किस्त नहीं भेजी जाती है। लिखने के बाद तत्काल किस्त जारी कर दी जाती है।
विज्ञापन

- वीरेंद्र कुमार निगम, एपीओ डूडा, महोबा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें