फोटो 21 एमएएचपी 02 परिचय-जिला अस्पताल के मन कक्ष में महिला मरीज की काउंसलिंग करते मनोचिकित्सीय
महोबा। भीषण गर्मी के बीच रात में होने वाली बिजली कटौती लोगों को अनिद्रा का शिकार बना रही है। डॉक्टरों की मानें तो नींद पूरी न होने से मेनिया, पैनिक डिसऑर्डर और इनसोमनिया (अनिद्रा) के मरीज बढ़े हैं। इससे कोई जरा सी बात पर उत्तेजित हो रहा है तो कोई बेचैनी होने, चिड़चिड़ापन आदि की शिकायत कर रहा है।
जिला अस्पताल के मन कक्ष में तैनात मनोचिकित्सक परामर्शदाता प्रेमदास ने बताया कि इस समय ओपीडी में हर दसवां रोगी इन समस्याओं से पीडि़त होकर आ रहा है। काउंसलिंग से स्पष्ट है कि वह पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं। कोई रात में बिजली न आने से नींद पूरी न होने की बात कह रहा है तो कोई गर्मी के चलते बेचैनी व तनाव की बात बता रहा है।
परामर्शदाता के अनुसार मेनिया एक तरह का उन्माद होता है। इसमें नींद पूरी न होने से व्यक्ति उत्तेजित होने लगता है। वह असामान्य और ज्यादा बातें करता है। या तो बहुत भूख लगेगी या बिल्कुल नहीं। तेज रफ्तार वाहन चलाएगा। नींद पूरी न होने से कुछ लोगों में पैनिक डिसऑर्डर की समस्या हो रही है। इसमें रोगी को बार-बार घबराहट होती है। धड़कन तेज होने के साथ सांस फूलती है। ऐसे में भरपूर नींद ले और अधिक से अधिक से पानी पीएं। नींद पूरी होने पर इस प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।