महोबा। शहर में चल रहे कजली मेले में बुधवार की रात कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। देश के कोने-कोने से आए कवियों ने ओज, शृंगार और हास्य रस की कविताओं से देर रात तक समां बांधा। प्रसिद्ध कवि विष्णु सक्सेना ने तू हवा है तो कर ले अपने हवाले मुझको, इससे पहले की कोई और बहा ले मुझको, आईना बनके गुजारी है जिंदगी मैंने, टूट जाऊंगा बिखरने से बचा ले मुझको सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शहर के कवि रोहित शर्मा के संयोजन में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की शुरुआत कवयित्री शशि श्रेया ने सरस्वती वंदना से की। मंच का संचालन कर रहे सरदार मंजीत सिंह ने कवियों का परिचय कराया। कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव दिव्यम की कविता एक नेमत है तू जिंदगी के लिए, जिंदगी में मिली हर खुशी के लिए, को खूब सराहा गया। हास्य रस के कवि मुन्ना बैटरी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर कटाक्ष करते हुए दर्शकों को खूब हंसाया।
ओज के कवि अभिराम पाठक ने देश में चल रही कश्मीर की समस्या को लेकर कविता पढ़ी। कवि सुरेंद्र यादवेंद्र ने व्यंग्य करते हुए कहा कि रीत-रिवाज महोबा के भी नहीं समझ में आते, अरे यहां पुरुष भी पुरुषों के संग जोड़ों से जाते, इनकी रहे सलामत यारी रे बजाओ ताली। सरदार मंजीत सिंह ने कविता सींचेंगे वृक्षों को तब फल आएंगे, खोदेंगे कुआं शीतल जल पाएंगे, पढ़कर लोगों के दिलों में जगह बनाई। ललितपुर से आए कवि संजय पांडेय ने भी शानदार काव्यपाठ किया। वहीं शृंगार रस के कवि डॉ. विष्णु सक्सेना, वीर रस के कवि वेदव्रत बाजपेयी ने अपनी रचनाएं पढ़कर पूरे सदन को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया।
संगोष्ठी में ऐतिहासिक स्थलों का बताया महत्व
कजली मेला महोत्सव में पर्यटन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में पर्यटन विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग की ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट और होम स्टे नीति के बारे में जानकारी दी गई। साहित्यकार संतोष पटैरिया ने महोबा के पर्यटन स्थलों के ऐतिहासिक महत्व के बारे में बताया। गोष्ठी के दौरान स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। यहां पर पर्यटन सूचना अधिकारी डॉ. चित्रगुप्त, जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सदस्य हरनारायण यादव, ओमप्रकाश तिवारी आदि मौजूद रहे। (संवाद)
फोटो 03 एमएएचपी 13 परिचय-श्रृंगार रस में कविता पेश करती उरई की कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव। संवा
फोटो 03 एमएएचपी 13 परिचय-श्रृंगार रस में कविता पेश करती उरई की कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव। संवा
फोटो 03 एमएएचपी 13 परिचय-श्रृंगार रस में कविता पेश करती उरई की कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव। संवा
फोटो 03 एमएएचपी 13 परिचय-श्रृंगार रस में कविता पेश करती उरई की कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव। संवा
फोटो 03 एमएएचपी 13 परिचय-श्रृंगार रस में कविता पेश करती उरई की कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव। संवा