महोबा। पत्नी को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) राकेश कुमार गौतम ने फैसला सुनाया। दोषसिद्ध होने पर पति को छह वर्ष की सजा व 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। देवर व सास को दोष मुक्त किया गया।
कोतवाली चरखारी के सालट गांव निवासी सोमवती ने अपनी पुत्री पार्वती की शादी 30 अप्रैल 2011 को शहर महोबा के बड़ीहाट निवासी सुनील कुमार के साथ की थी। शादी के बाद से ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर पार्वती को प्रताड़ित करने लगे। 27 अक्तूबर 2015 को पार्वती की आग से जलकर मौत हो गई थी। मृतका की मां ने ससुरालियों पर पुत्री की आग से जलाकर हत्या करने का आरोप लगाया था। इस मामले में पति सुनील कुमार, देवर रवि कुमार व सास सावित्री के खिलाफ दहेज हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार गौतम ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि देवर रवि कुमार व सास सावित्री को आरोपों से दोषमुक्त किया गया है जबकि पति सुनील कुमार को दहेज उत्पीड़न व आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।