महोबा। दहेज हत्या के मामले में अदालत ने डेढ़ साल बाद फैसला सुनाते हुए पति, उसके भाई और ससुर को सात-सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना ठोंका है। सास पर दोष सिद्ध न होने पर अदालत ने उसे रिहा कर दिया। तीनों अभियुक्तों को जेल भेजा है।
खरेला के ग्राम ऐंचाना निवासी प्रीति की 12 मई, 2018 को ससुराली जनों ने गला दबाकर हत्या कर दी थी। मृतका के भाई ने उसी दिन खरेला थाने में मृतका के पति कालका, जेठ शिवरतन, सास सुमित्रा और ससुर मलखान के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया। पुलिस ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
सोमवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) संतोष कुमार यादव ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद मृतका के पति कालका, जेठ शिवरतन और ससुर मलखान को दहेज हत्या का दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई, दोष सिद्ध न होने पर सास सुमित्रा को बरी कर दिया। सरकार पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता नीरज रावत ने बताया कि अदालत ने तीनों अभियुक्तों पर तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।