महोबा। घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या के चार साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर प्रथम ध्रुव राय ने बुधवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर दोषी पति रामकृपाल कुशवाहा को सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
थाना कबरई के सिंघनपुर बघारी गांव निवासी प्रेमनारायण ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि उसके बड़े भाई रामकृपाल कुशवाहा का पत्नी रानी से आए दिन झगड़ा होता था। 18 मई 2022 को भी खाना न देने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद भाभी पशुबाड़े में चली गई थी। रात में रामकृपाल ने चारपाई पर सोते समय पत्नी रानी पर सब्बल से हमला कर दिया था। इससे उनकी मौत हो गई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किए गए। बुधवार को न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए रामकृपाल को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए फैसला सुनाया।