कबरई (महोबा)। इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में जेल में निरुद्घ तत्कालीन थानाध्यक्ष कबरई देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव, क्रशर कारोबारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। सुनवाई की अगली तारीख तय नहीं की गई है।
गौरतलब है कि क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया था। 13 सितंबर 2020 को गले में गोली लगने से इंद्रकांत की मौत हो गई थी। एसआईटी की जांच के बाद भ्रष्टाचार व आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने का मामला दर्ज किया गया था। चार आरोपी जेल में हैं जबकि तत्कालीन एक लाख के इनामी आईपीएस पाटीदार अभी फरार चल रहे हैं। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता चंद्रप्रकाश तिवारी ने बताया कि जेल में निरुद्घ चारों आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अभी अगली तारीख भी निश्चित नहीं की गई है।
मंडल अध्यक्ष की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
कबरई। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी के परिजनों से घर में घुसकर मारपीट व धमकी दिए जाने के मामले में फरार चल रहे भाजपा मंडल अध्यक्ष कबरई हुकुम की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई। उच्च न्यायालय इलाहाबाद में मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश रामकृष्ण गौतम ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। घटना के ढाई माह बाद भी आरोपी भाजपा मंडल अध्यक्ष पुलिस की पकड़ से दूर है।