महोबा। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से नौनिहालों को सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिसिन किट तैयार की है । शून्य से 12 साल तक के बच्चों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में दवा की 500 किट तैयार की गयी हैं। विधायक व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में निगरानी समितियों के सदस्यों को 100 मेडिसिन किट वितरित की गयी। अब यह सदस्य बच्चों तक किट पहुंचाएंगे।
जिला अस्पताल परिसर में आयोजित बाल्य चिकित्सा किट वितरण समारोह में सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने कहा तीसरी लहर में बच्चों के चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। बच्चों को घर-घर चिकित्सा किट बंटवाने की रणनीति बनाई गई है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. जीआर रत्मेले ने बताया कि निगरानी समितियां घर-घर जाकर जानकारी करेंगी। कोरोना जैसै लक्षण मिलने पर किट देंगी। इस बार बच्चों के लिए नई पैकिंग की दवा आई हैं, जो अलग-अलग उम्र के बच्चों के हिसाब से हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डा. आरपी मिश्रा ने बताया कि किट पर दवाओं के सेवन का तरीका लिखा गया है। समारोह में सांसद प्रतिनिधि सहित डीपीएम ममता अहिरवार, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी शिव कुमार, यूएचसी मनोज कुमार लाल, डा. पीडी अवस्थी सहित आशा, एएनएम व निगरानी समिति सदस्य मौजूद रहे।
इस तरह बनाई गई है किट
एसीएमओ डा. योगेंद्र राजावत ने बताया कि शून्य से 12 साल तक के बच्चों व किशोरों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। इसमें शून्य से 6 माह, 6 माह से एक वर्ष, एक से पांच वर्ष और 5 से 12 वर्ष की श्रेणियां बनाई गईं हैं। हर श्रेणी की किट अलग है। शून्य से पांच साल के बच्चे को आइवरमेक्टिन और एजिथ्रोमाइसिन नहीं दी जाएगी। यह दवाएं सिरप के रूप में दी जाती हैं। 5 से 12 वर्ष के बच्चों को कम मात्रा वाली दवाएं दी जाएंगी।