फोटो 28 एमएएचपी 07 परिचय-सत्संग में भजन पेश करते समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी। स्रोत: समिति
महोबा। शहर के कठकुलवापुरा स्थित संत कबीर आश्रम में रविवार को अमृतवाणी समिति के तत्वावधान में सत्संग का आयोजन हुआ। पं.जगदीश रिछारिया ने पढ़ा आया है सो जाएगा राजा रंक फकीर पेश की। उन्होंने कहा कि मृत्यु से पूर्व परमात्मा का स्मरण करते रहना चाहिए। इस दौरान अन्य वक्ताओं ने भक्ति रचनाएं पेशकर माहौल भक्तिमय बना दिया।
सत्संग का शुभारंभ भक्तों ने एकस्वर में कबीर वंदना से किया। समिति प्रमुख डॉ. लालचंद्र अनुरागी ने कहा कि माया, मोह को भजन-पूजन, सत्संग और देवी स्मरण से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने शक्तिपीठ मां बड़ी चंद्रिका देवी का महत्व बताते हुए बुंदेली देवी भजन जय हो मां चंद्रिका भवानी, तुम्हारी महिमा काऊ ने न जानी सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया। पं. हरीशंकर नायक, शिक्षक सुखराम स्नेही ने दोहे पढ़े। साध्वी सुनीता अनुरागी ने कहा कि दुनिया के 32 से अधिक देशों में कबीर के विचारों पर शोध हो रहे हैं। सत्संग में ढोलक में थाप रामदीन अनुरागी ने दी। इस मौके पर संत रामदयाल, उमादास आदि मौजूद रहे।