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Mahoba News: संक्रामक बीमारियों का कहर, बुखार से किसान की मौत

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फोटो 09 एमएएचपी 05 परिचय-जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती संक्रामक बीमारियों के मरीज। संवाद
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महोबा। पिछले चार दिन से बारिश के बाद धूप निकलने से पड़ रही उमस से उल्टी, दस्त, बुखार, पेटदर्द, बदनदर्द आदि के मरीज बढ़ गए हैं। बृहस्पतिवार को बुखार से एक किसान की मौत हो गई। बीते 24 घंटे में 10 मरीजों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं निजी अस्पतालों में ऐसे मरीजों की भरमार है।
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जिला अस्पताल की सुबह आठ बजे से ओपीडी खुलते ही मरीजों व तीमारदारों की भीड़ जुटी। पर्चा बनवाने से लेकर कक्षों में डॉक्टरों को दिखाने के लिए मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। ओपीडी में चिकित्सकों ने 716 मरीजों का उपचार किया। पिछले 24 घंटों में बुखार, पेटदर्द, डायरिया आदि से ग्रसित सुमन, उमाशंकर, आदित्य, राजबहादुर, विश्वनाथ, अंशिका, मोहित, अभिराज, रामकिशोर और अंश की हालत नाजुक होने पर वार्डों में भर्ती कराया गया।
तहसील चरखारी के इमिलियाडांग गांव निवासी भागीरथ राजपूत (68) खेती-किसानी करता था। एक सप्ताह से वह बुखार से पीड़ित था। बृहस्पतिवार की सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे जिला अस्पताल लाए जहां इमरजेंसी में तैनात डॉ. अमित राजपूत ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे वीर सिंह ने बताया कि बुखार से पिता की मौत हुई है। परिजन पोस्टमार्टम कराए बगैर ही शव घर ले गए।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार का कहना है कि लगातार बारिश होने से मौसम में बदलाव हुआ। इससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में खानपान में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है।
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ऐसे करें बचाव

-घर के कूलर, गमलों या टायरों में पानी इकट्ठा न होने दें।
-रात में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
-बारिश के मौसम में पानी को उबालकर व छानकर पिएं।
-खुले खाद्य पदार्थ और कटे फल खाने से बचें।
-बारिश में भीगने के बाद सूखे व साफ कपड़े पहनें।
-रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए ताजे फल, हरी सब्जियां और विटामिन-सी पदार्थों को खाएं।
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