महोबा। राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज महोबा में शुक्रवार को हुए बवाल और फायरिंग के मामले को प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा निदेशालय ने गंभीरता से लिया है। जूनियर व सीनियर छात्रों के बीच हुई हिंसक वारदात की जांच करने शनिवार को विभाग के संयुक्त निदेशक (झांसी मंडल) डीएन सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक कालेज पहुंचे। उन्होंने मामले की रिपोर्ट तलब कर कालेज के प्रधानाचार्य को उपद्रवी छात्रों को चिह्नित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
संयुक्त निदेशक को सौंपी गई रिपोर्ट में कालेज के प्रधानाचार्य सुभाष शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर कक्षाएं चल रही थीं। तभी भवन के चैनल के गेट पर मैकेनिकल अंतिम वर्ष के छात्र उत्कर्ष, कंप्यूटर साइंस दूसरे वर्ष के छात्र आकाश सिंह, इलेक्ट्रिनिक तृतीय वर्ष के छात्र वीर बहादुर सिंह, इलेक्ट्रिकल दूसरे वर्ष के छात्र दिव्यम राजपूत व कुछ अन्य छात्रों ने कालेज के छात्र विपिन द्विवेदी, आशीष सिंह, अरुण राजपूत, धीरज समेत कई छात्रों से गालीगलौज और मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर पॉलीटेक्निक के व्याख्याता जितेंद्र गौतम, नितिन कुमार, नाजनीन खान, कनिष्ठ लिपिक रंजना न्यूट्रन व प्रधानाचार्य मौके पर पहुंचे। लेखा विभाग के स्टेनो श्याम मोहन मिश्रा समेत कई कर्मचारी मौजूद थे। झगड़ा कर रहे छात्रों को सभी कर्मचारियों ने समझाने का प्रयास किया, शांत न होने पर पुलिस फोर्स बुलाई गई। छात्रों की संख्या अधिक होने से स्थिति बेकाबू हो गई। पुलिस के आने पर छात्र गेट की ओर भागे। गेट पर उत्कर्ष और आकाश सिंह ने तमंचे से फायर कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। बाद दूसरे छात्रों ने आरोपियों से तमंचा छीनकर पुलिस के दे दिया। प्रधानाचार्य की रिपोर्ट देखने के बाद संयुक्त निदेशक ने उनसे कहा कि रैंगिंग करने वाले छात्रों पर कड़ी नजर रखी जाए। उन्होंने पहले चेतावनी, न मानने पर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। कालेज परिसर की सुरक्षा बढ़ाने को कहा। कालेज और हॉस्टल का निरीक्षण करने के बाद संयुक्त निदेशक वापस झांसी लौट गए। हालांकि, शनिवार को सार्वजनिक अवकाश होने की वजह से कालेज बंद था।
उपद्रवी छात्र रडार पर
पॉलीटेक्निक कालेज के प्रधानाचार्य ने बताया कि चार उपद्रवी छात्र रडार पर हैं। रमन हॉस्टल में दूसरे व तीसरे वर्ष के छात्र रहते हैं, हॉस्टल में रहने वाले इन छात्रों को भी जांच के बाद निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। इसकी सूचना प्राविधिक शिक्षा निदेशालय को भेजी जा रही है। प्रधानाचार्य ने बताया कि सुधार न हुआ तो बवाल करने वाले छात्रों को हॉस्टल से निकाला जाएगा।