महोबा। वस्तु एवं सेवा कर के डिप्टी कमिश्नर रामप्रकाश पांडेय ने कहा कि जीएसटी का दायरा बढ़ाने के लिए गांव गांव में व्यापारी चिह्नित कर जीएसटी पंजीकरण का अभियान चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक व्यापारी जीएसटी से जुड़ सके। जीएसटी चोरी रोकने के लिए विभाग दिन रात काम कर रहा है। जीएसटी देश की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है, जिसके संग्रह से ही देश का विकास होता है।
डिप्टी कमिश्नर बुधवार को शहर के चरखारी बाईपास मार्ग स्थित वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय में आयोजित वाणिज्यकर के 72वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने जीएसटी की सरलीकृत कर व्यवस्था की व्यापारियों को जानकारी दी। विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर जयप्रकाश ने कहा कि वाणिज्यकर की प्रदेश में स्थापना 26 फरवरी 1948 को हुई थी। 72 वर्षों के सफर में पहले बिक्रीकर फिर व्यापार कर, वाणिज्यकर, वस्तु एवं सेवा कर के रूप में विभाग को जाना जा रहा है। वाणिज्यकर अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जीएसटी बेहद सरलीकृत कर प्रणाली है। व्यापारियों को केवल उसके समझने की जरूरत है। व्यापारी नेता राहुल अग्रवाल, पंकज, रामजी, सेवक नंदवानी, विनोद पुरवार आदि ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर सर्वाधिक जीएसटी देने वाले बुंदेलखंड ऑटो मोबाइल, खजुराहो मोटर्स आदि व्यापारियों को शील्ड व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रदीप गुप्ता, कालूराम, समीर अहमद, राम सिंह, अरुण पुरवार, हृदेश, पंकज, सुनील जयसवाल, कपिल चौबे, रूपेश, नीरज वर्मा समेत आदि व्यापारी मौजूद रहे।