त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में इस बार जिले में 273 प्रधान चुने जाएंगे। जिले की 26 ग्राम पंचायतों पर पहली दफा चुनाव होंगे। कारण परिसीमन के बाद जिले में 26 ग्राम पंचायतें बढ़ गई हैं। इससे पहले 247 ग्राम पंचायतों में प्रधान चुने जाते थे।
जिला पंचायत राज विभाग ने शिक्षामित्रों, टीचरों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को लेकर रैपिड सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। इसके बाद आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाएगी। आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी त्रिस्तरीय की रूपरेखा बनाएंगे।
तीन माह बाद ग्राम प्रधानों के खत्म हो रहे कार्यकाल के मद्देनजर जहां प्रशासन ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी है, वहीं ग्राम प्रधान क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के इस संभावित प्रत्याशियों ने गांव-गांव संपर्क कर चुनावी गोटे बिछानी शुरू कर दी हैं।
इससे ग्रामीण अंचलों में चहल पहल दिखने लगी है। चुनाव नजदीक आते ही तमाम ग्राम प्रधानों के रवैये में भी बदलाव आ गया है। विकास भवन में स्थित पंचायत स्थानीय चुनाव कार्यालय में खासी चहल पहल है। संभावित उम्मीदवार वोटर लिस्ट और आरक्षण की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।