फोटो 29 एमएएचपी 09 परिचय-रामधुन के साथ गोरखगिरि की परिक्रमा लगाते भक्त। स्रोत: समिति
महोबा। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा पर सोमवार को गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखगिरि की परिक्रमा बुंदेलों ने श्रद्धा, भक्ति और रामधुन के साथ लगाई। इस दौरान वक्ताओं ने गोरखगिरि पर्वत को चित्रकूट के कामदगिरि की तरह पुण्य फलदायी बताया।
शिवतांडव मंदिर से शुरू हुई परिक्रमा बाल हनुमान मंदिर, रामजानकी, संत कबीर आश्रम, काली माता, छोटी चंद्रिका होते हुए गुजरी। इसके बाद सत्संग व गोष्ठी का आयोजन हुआ। परिक्रमा समिति के सचिव डॉ. एलसी अनुरागी ने कहा कि 14 वर्ष के वनवास काल के समय भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता जानकी ने इस पर्वत पर कुछ समय बिताया था। समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी ने गोरखगिरि की प्राकृतिक सुंदरता का वर्णन किया। यहां पर पं. हरीशंकर नायक, श्यामानंद, पवन चौरसिया, परशुराम अनुरागी, ओमप्रकाश साहू, चंद्रभान श्रीवास, साध्वी सुनीता आदि रहे।