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प्राथमिक शिक्षा का बुरा हाल मनमर्जी से स्कूल जा रहे अध्यापक

Sat, 11 Jul 2015 11:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महोबा
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 गरीब और निचले तबके के बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने तथा शत प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति के प्रयास अधूरे दिख रहे है। जहां बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते जहां तमाम विद्यालयों में ताले लटके रहते हैं। ग्रामीण अंचलों में विद्यालयों में नियमित टीचर न पहुंचने से बच्चे भी इधर- उधर घूमते रहते हैं। जिससे विद्यालयों में छात्र संख्या नहीं बढ़ पा रही है। वहीं मिड डे मील वितरण में भी गुणवत्ता और मीनू के हिसाब से मील नहीं तैयार नहीं कराया जा रहा है। पेश है........ प्राथमिक शिक्षा की बदहाली पर अजय विश्वकर्मा की रिपोर्ट-
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सीन 1  
 समय- सुबह 9:40 बजे
ग्राम खरेला के मजरा परथनियां के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 30 जून को सेवानिवृत्त हुए प्रधानाध्यापक का कार्यभार ग्रहण करने वाले इंचार्ज अध्यापक सुरेश कुमार कार्यालय में कागजी कार्रवाई निपटाते मिले। पंजीकृत 51 बच्चों में से 18 ही स्कूल में मौजूद थे। सहायक अध्यापिका रितु वर्मा स्कूल अनुपस्थित मिलीं, इंचार्ज ने उन्हें अवकाश पर बताया। मध्यान्ह भोजन में सब्जी, चावल  की तहरी रसोईया पकाता मिला।
सीन 2
समय  सबुह 9:45 बजे
परथनियां के प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत 71 बच्चों में से 47 ही बच्चे उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका राजा देवी दोपहर भोजन में विलंब की वजह से बच्चों को पढ़ाने के बजाय रसोई घर में मदद करने में जुटी थी। सहायक शिक्षिका कमलेश गुप्ता और शिक्षामित्र अरविंद सिंह आंगनबाड़ी कार्यकत्री के साथ गपशप करते दिखे।
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सीन 3
समय सुबह 10:15 बजे
लोहिया ग्राम बसौठ के प्राथमिक विद्यालय में चल रहे दोपहर के भोजन में बच्चों के बीच अफरा-तफरी मची थी। प्रधानाध्यापक राजकुमार व्यवस्था में जुटे थे। स्कूल में 109 पंजीकृत छात्रों में से 70 ही बच्चे उपस्थित मिले । मध्यान्ह भोजन में सब्जी चावल की तहरी मिश्रित कर बनी थी, लेकिन तहरी में सब्जी का नामोनिशान नहीं दिखा। सहायक अध्यापिका सीमा सक्सेना और शिक्षामित्र सरला तिवारी स्कूल में मौजूद रहे , जबकि बच्चे इधर-उधर घूमते दिखेद्भ।
सीन 4
समय सुबह 10:30 बजे
बसौठ के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका लीलावती अपने कार्यालय में कागजी कार्य में जुटी थीं। तैनात सहायक अध्यापक जगत सिंह नहीं थे। इंचार्ज ने बताया कि बीएलओ होने के कारण वह कार्य से गए है। सहायक शिक्षिका स्वर्णलता स्कूल के बरामदे में टहलती दिखी। अमर उजाला टीम को देखते ही वह कुर्सी में बैठकर बच्चों को पढ़ाने लगी। रसोईया रसोई घर में खाना पका रही थी।
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