कुलपहाड़/बेलाताल। गेहूं खरीद केंद्रों में केंद्र प्रभारियों की मनमानी से किसान परेशान है। पल्लेदारी के नाम पर 20 रुपये के स्थान पर प्रति क्विंटल 50 रुपये किसानों से वसूले जा रहे हैं। किसानों के शोषण की शिकायत पर दो दिन पहले भरवारा केंद्र प्रभारी निलंबित हो चुके हैं।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 44 केंद्र खोले गए हैं। कस्बा बेलाताल में सहकारी संघ, सहकारी समिति व पीसीएफ के तीन केंद्र संचालित हैं। दो केंद्रों में गेहूं की उठान न होने पर केंद्र प्रभारियों ने खरीद ठप कर दी है। जिससे किसान परेेशान है। पीसीएफ केंद्र पर किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा है। माल बेचने आए खिरियाकला गांव के किसान रामअवतार पाठक, महिपाल, मुन्ना आदि ने बताया कि खरीद केंद्र में किसानों का शोषण किया जा रहा है। पल्लेदारी के नाम पर प्रति क्विंटल 40 से 50 रुपये वसूला जा रहा है। विरोध करने पर गेहूं की गुणवत्ता कमजोर बताकर वापस लौटा दिया जाता है। आरोप है कि केंद्र प्रभारी व्यापारियों का गेहूं धड़ल्ले से खरीद रहे हैं।
कुलपहाड़ संवाद के अनुसार नगर में तीन खरीद केंद्र बनाए गए हैं। जहां पर गेहूं की उठान न होने से गेहूं की बोरियां खुले में रखीं हैं। केंद्रों में माल बेचने आए किसान रामस्वरूप, लखनलाल, हरदयाल, नारायण दास आदि ने बताया कि केंद्र प्रभारी पल्लेदारी के नाम पर प्रति क्विंटल 50 रुपये वसूल रहे हैं। 17 अप्रैल के बाद से किसानों के गेहूं बिक्री का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। उधर जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रामकृष्ण पांडेय का कहना है कि शिकायत मिलने पर जांच कराकर संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
भरवारा केंद्र में चार दिन से गेहूं खरीद ठप
भरवारा। विकासखंड पनवाड़ी के भरवारा गांव में संचालित गेहूं खरीद केंद्र चार दिन से बंद है। किसानों से पल्लेदारी के नाम पर अधिक पैसा वसूलने की शिकायत पर हुई जांच के बाद केंद्र प्रभारी अशोक कुमार को चार दिन पहले निलंबित कर दिया गया। जिससे केंद्र के बाहर किसानों के गेहूं भरे ट्रैक्टर-ट्राली खड़े हैं। जिससे किसानों को माल भींगने का डर सता रहा है। किसान देवी सिंह, सुरेश, धनीराम आदि का कहना है कि केंद्र में खरीद न होने से अब वह मजबूरी में सस्ती कीमत पर व्यापारियों को गेहूं बेचने के लिए मजबूर हैं क्योंकि उनके घरों में शादी समारोह है। जिससे पैसे की जरूरत है।