महोबा। जिला अस्पताल में आग लगने की घटनाओं से निपटने को 90 लाख की लागत से फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम चल रहा है।
अब वार्डों व ओपीडी में आग लगती है तो यह सिस्टम तुरंत काम करेगा और आग पर त्वरित काबू पाया जा सकेगा। जिला अस्पताल में शासन से हरी झंडी मिलने के बाद फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। ऑक्सीजन प्लांट के पास भूमि चिह्नित होने के साथ वाटर टैंक का निर्माण कराया गया है।
फायर सेफ्टी सिस्टम अस्पताल के सभी वार्ड, आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर, अस्पताल परिसर, इमरजेंसी, ब्लड बैंक समेत सभी जगहों पर आग लगने की घटनाओं से रोकेगा।
काम देख रहे सुपरवाइजर अमित और ताज खान ने बताया कि करीब 80 फीसदी काम हो गया है। माह जनवरी 2025 तक फायर सेफ्टी सिस्टम चालू हो जाएगा। इसके तहत चार किलो के 52 फायर एक्सटिंग्युशर, साढ़े चार किलो के 68 कॉर्बन डाई ऑक्साइड सिलिंडर, 23 होस रील ड्रम, 32 फायर बॉक्स, 64 पाइप और एक हाईड्रेंट स्थापित किया गया।
ऐसे काम करेगा सिस्टम
जिला अस्पताल में कहीं भी आग या धुआं निकलने की स्थिति में अलार्म सिस्टम से अलर्ट सायरन बजेगा। ऐसे में अस्पताल में संबंधित किसी वार्ड में आग लगने की स्थिति में उसी वार्ड में लगे फायर सिस्टम को चालू कर आग बुझाई जा सकेगी।
साथ ही आग लगने वाले स्थान पर ही पाइपलाइन को खींचकर आग बुझाने के इंतजाम होंगे। ऐसे में समय की बचत होगी साथ ही आग लगने से होने वाला नुकसान भी कम से कम हो सकेगा।
हाईटेक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने को शासन से 90 लाख रुपये आवंटित हुए हैं। इससे पूरे अस्पताल में वाटर लाइनों को बिछाया गया है। ऑक्सीजन प्लांट समीप एक लाख लीटर पानी की टंकी के निर्माण करा दिया गया है। तीन माह के अंदर सिस्टम के काम शुरू करने की उम्मीद है। -डॉ. पवन कुमार अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल महोबा।