फोटो 08 एमएएचपी 18 परिचय-घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस में गमगीन बैठी मां रामसखी, बहन पूजा व अन्
महोबा। हंसते-खेलते परिवार की खुशियां धसान नदी निगल गई। दो सगे भाइयों की मौत होने से यह हादसा जिंदगी भर का गम दे गया। वर्षों बाद पूरा परिवार एक साथ होने पर घूमने के लिए झारखंड धाम गए शिक्षक जीतेंद्र को क्या पता था कि गर्मी से राहत पाने के लिए धसान नदी में उनका अंतिम स्नान होगा। इकलौते बेटे सिद्धांत के साथ नदी में उतरे जीतेंद्र ने जब खुद को डूबते देखा तो बेटे को दोनों हाथों से ऊपर उठाकर शोर मचाया। जैसे ही भाई रंजीत कुछ करीब आया तो उसने बेटे को उछाल दिया। बेटा तो बच गया लेकिन जीतेंद्र और उसके भाई विपिन की डूबने से मौत हो गई।
मूलरूप से जनपद फतेहपुर के बिजौली निवासी जीतेंद्र कुमार शिक्षक थे। उनका स्थानांतरण वर्ष 2022 में महोबा हुआ था। वर्तमान में वह राजकीय हाईस्कूल नैपुरा में तैनात थे और पत्नी कोमल व छह वर्षीय बेटे सिद्धांत के साथ किराए का मकान लेकर कस्बा पनवाड़ी में रहते थे। आरक्षी भर्ती परीक्षा होने के चलते दो भाई विपिन और रंजीत व साला दिलीप रविवार को घर आ गए तो सभी का घूमने का प्लान बन गया। पनवाड़ी से कुछ दूरी पर स्थित झारखंड धाम बाइकों से पहुंचने के बाद गर्मी से राहत पाने के लिए परिवार के कुछ सदस्य नहाने लगे।
मृतक जीतेंद्र के बहनोई मधुसूदन ने बताया कि धसान नदी में नहाने के दौरान सबसे पहले जीतेंद्र बेटे के साथ उतरे। उन्हें डूबता देख जीतेंद्र के दोनों भाई भी नदी में उतर गए। गहराई में जाने से जीतेंद्र और उनके भाई विपिन की मौत हो गई जबकि एक अन्य भाई रंजीत व जीतेंद्र के बेटे सिद्धांत को बचा लिया गया। एक साथ दो भाइयों की मौत से नदी किनारे ही परिजनों में रोना-पीटना मच गया। सोमवार की शाम पोस्टमार्टम के लिए दोनों के शव फतेहपुर ले जाए गए।
वर्दी पहनने का सपना धसान नदी में डूबा
मृतक जीतेंद्र का छोटा भाई विपिन उर्फ राजा सोमवार को होने वाली पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा देने महोबा आया था। परिजनों को उम्मीद थी कि वह खाकी वर्दी पहनकर घर और गांव का नाम रोशन करेगा लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले नदी में डूबने से विपिन की मौत हो गई। इससे वर्दी पहनने का सपना सपना ही रह गया। रंजीत ने बताया कि वह छोटे भाई विपिन को पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने महोबा आया था। सभी सदस्यों ने कुछ देर घूमने का प्लान बनाया। धसान नदी के ढलाननुमा स्थान पर नहाने उतर गए। नहाते समय जीतेंद्र व उनका बेटा अचानक गहरे पानी में चले गए। उन्हें बचाने में विपिन भी डूब गया और मौत हो गई। आरोप लगाया कि घटना के बाद एंबुलेंस को कई बार कॉल की। एंबुलेंस तीन घंटे बाद आई। यदि समय पर एंबुलेंस आती और इलाज मिल जाता तो शायद दोनों भाइयों की जान बच जाती।