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गैर इरादतन हत्या में पिता व तीन पुत्रों को पांच-पांच वर्ष की कैद

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महोबा। गैर इरादतन हत्या के करीब आठ साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह प्रथम ने शुक्रवार को सुनाया फैसला। दोष सिद्घ होने पर पिता व उसके तीन पुत्रों को पांच-पांच वर्ष के कारावास और 4,500-4,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
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कोतवाली कुलपहाड़ के खैरारी गांव निवासी देवकी नंदन 10 जुलाई 2014 की शाम करीब छह बजे अपने घर पर था। तभी गोबर का गड्ढा खोदने को लेकर गांव का ही देशराज अपने पुत्र सुखसिंह, बृजेंद्र व अरविंद के साथ वहां पहुंच गया और गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर पिता-पुत्रों ने घर में घुसकर देवकीनंदन के पुत्र सुरेंद्र, देवेंद्र, राजू उर्फ राजेंद्र व नातिन शारदा को लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमलाकर घायल कर दिया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने घटना वाले दिन ही चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। 13 जुलाई को घायल देवेंद्र की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश देवेंद्र सिंह प्रथम ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। जिला शासकीय अधिवक्ता केशव सिंह रापजूत ने बताया कि दोषी देशराज, सुखसिंह, बृजेंद्र व अरविंद को सजा सुनाई है।
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