कबरई (महोबा)। रबी सीजन की तैयारी में जुटे किसान खाद न मिलने से परेशान हैं। कस्बा कबरई के क्रय-विक्रय केंद्र पर दिनभर कतार में लगने के बाद भी अधिकांश किसान खाली हाथ लौट गए। किसानों ने समिति के कर्मचारियों पर चहेतों को खाद बांटने के आरोप लगाए हैं जबकि सुरहा समिति में हंगामे के बाद खाद का वितरण बंद कर दिया गया।
सहकारी समितियों में खाद वितरण के दौरान किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार को क्रय-विक्रय केंद्र कबरई पर खाद वितरण की सूचना पर भोर से ही किसानों ने डेरा डाल दिया। सुबह से शाम तक लाइन में लगे कई किसानों को एक बोरी खाद भी नहीं मिली। किसानों ने समिति कर्मचारियों पर चहेतों को खाद देने का आरोप लगाया।
पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण हुआ लेकिन किसान रामबहोरी, सुनीता, महेंद्र, रामकरण, अच्छेलाल अनुरागी, बिहारी कुशवाहा, सिद्ध कुशवाहा, विनीता आदि ने बताया कि सुबह सात से शाम पांच बजे तक लाइन में लगने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिली। किसानों का आरोप है कि कर्मचारियों ने अपने खास लोगों को खाद दी जबकि घंटों इंतजार करने वाले किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर रहे।
वहीं सुरहा समिति में अनियमितता के आरोपों पर किसानों ने हंगामा किया, इसके बाद शाम चार बजे वितरण बंद कर दिया गया।
खाद के इंतजार में पिछड़ रही बोआई: कबरई। साधन सहकारी समिति सुरहा से गहरा, बघारी, लिलवाही, परसाहा, सुरहा व पिंडारी गांव के किसान जुड़े हैं। पिंडारी के किसान महेश ने बताया कि 12 बीघा खेत की बोआई करना है लेकिन दिनभर कतार में खड़े रहने के बाद भी एक बोरी भी खाद नहीं मिली। लिलवाही के किसान हीरालाल ने बताया कि 13 बीघा जमीन की बोआई के लिए दिनभर लाइन में लगकर खाली हाथ लौटना पड़ा। गहरा के किसान मूलचंद्र यादव के 15 बीघा, हल्के प्रजापति के 20 बीघा और लिलवाही के ठीहू प्रजापति के पास 10 बीघा खेत हैं। उन्होंने बताया कि खाद के अभाव में बोआई प्रभावित हो रही है। बोआई में देरी का सीधा असर फसल पर पड़ेगा।