फोटो 10 एमएएचपी 08 परिचय-सत्संग में रचना पेश करते समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी। स्रोत: समिति
महोबा। शहर के कठकुलवापुरा स्थित संत कबीर आश्रम में रविवार को अमृतवाणी समिति की ओर से सत्संग का आयोजन हुआ। पं. हरिशंकर नायक ने भजन दुख में सुमिरन सब करें, सुख में करे न कोई सुनाकर माहौल भक्तिमय कर दिया। कहा कि आज का मानव दुख में ईश्वर का स्मरण करता है लेकिन सुख में ईश्वर का स्मरण नहीं करता।
सत्संग का शुभारंभ वंदना जय कबीर, जय गुरु कबीरा से हुआ। समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनुरागी ने कहा कि बुराई की निंदा करना तो ठीक है लेकिन सच्चे समाजसेवी, साधु, संत व सत्पुरुष की निंदा करना अनुचित है। पं. आशाराम तिवारी ने कहा कि सत्य का आचरण ही सबसे बड़ा तप है। साध्वी सुनीता ने कहा कि परमात्मा प्रत्येक जीव के अंदर विराजमान है लेकिन वह इधर-उधर परमात्मा को ढूंढता फिरता है। यहां पर पं. अवधेश अवस्थी, पं. जगदीश रिछारिया, करतार वादक कमलापत, नारायणदास, लखनलाल आदि मौजूद रहे।