कबरई (महोबा)।कस्बा कबरई में पेयजल को लेकर मारामारी मची है। कबरई बांध से होने वाली पेयजल आपूर्ति महीनों से ठप है। जिससे लोग बूंद-बूंद पानी को लेकर परेशान है। पानी को लेकर घरों के दरवाजे पर बर्तन व प्लास्टिक पाइप लेकर महिलाएं टैंकर आने का घंटों इंतजार करती हैं। टैंकर आते ही मोहल्लेवासी पहले पानी भरने को लेकर टूट पड़ते हैं। जिससे 15 मिनट में ही टैंकर खाली हो जाता है। जिन लोगों को पानी नहीं मिलता वह दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं।
कस्बा कबरई की 40 हजार की आबादी की प्यास बुझाने के लिए कबरई बांध से पेयजल योजना बनाई गई थी। देखरेख के अभाव में यह योजना अपने मकसद पर कामयाब नहीं हुई। जगह-जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त व चोक हो जाने के बाद उसे दुरुस्त नहीं कराया गया। जिससे पूरे साल कस्बे में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। पानी को लेकर कस्बे से लेकर जिला मुख्यालय तक कई बार आंदोलन व धरना प्रदर्शन हुए लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो सका। आबादी के बीच लदे अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। जिससे समस्या और गहरा गई है। नगर पंचायत टैंकरों से आपूर्ति करा रहा है लेकिन कस्बावासियों को भरपूर पानी न मिलने से उनका पूरा दिन पानी की जुगाड़ में ही गुजर जाता है।
नगर पंचायत कबरई के अधिशासी अधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि कस्बे में छह टैंकरों के माध्यम से आपूर्ति कराई जा रही है। दिन में कई चक्कर पानी वार्डों में भेजा जा रहा है।
बोले कस्बावासी
कस्बे में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी है। कई बार उच्चाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया लेकिन आजतक निराकरण नहीं हुआ। दिन-प्रतिदिन समस्या विकराल हो रही है। पाइपलाइन से आपूर्ति महीनों से ठप है। हैंडपंप भी जवाब दे गए हैं। डीएम को एक बार फिर ट्वीट कर समस्या से अवगत कराया है। राना दृगपाल सिंह, विशालनगर कबरई।
पिछले एक साल से पेयजल आपूर्ति बाधित है। पानी को लेकर मारामारी मची है। इंसानों के साथ जानवरों को भी भारी समस्या हो रही है। कस्बे के लोग टैंकर से होने वाली आपूर्ति के भरोसे हैं। जिस दिन कम पानी मिलता है, उस दिन दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाकर काम चलाना पड़ रहा है। मुकेश त्रिपाठी, कबरई।