महोबा। बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के साथ अब भारतीय हलधर किसान यूनियन के पदाधिकारी भी आ गए हैं। मंगलवार को कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। कहा कि बिजली विभाग का प्रस्तावित निजीकरण उपभोक्ताओं के साथ धोखा है। जिस दिन बिजली पूंजीपतियों के हाथ में पहुंच जाएगी, उस दिन विभाग की ओर से दी जा रही सब्सिडी बंद हो जाएगी।
शहर के कीरत सागर स्थित पावर हाउस कार्यालय परिसर में आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ हल्ला बोला। हलधर किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष जनक सिंह परिहार ने कहा कि इस समय बिजली का बिल छह सौ रुपये के आसपास आ रहा है लेकिन निजीकरण होने पर यह बिल 1,400 सौ रुपये हो जाएगा। किसानों का ट्यूबबेल बिल निशुल्क है। यह योजना भी बंद हो जाएगी। किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए मिलने वाले सीजनल कनेक्शन भी बंद होंगे। ऐसे में किसान इस लड़ाई में शामिल हैं। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी निजीकरण से होने वाली दिक्कतों को बताया। कहा कि निजीकरण से उपभोक्ता व कर्मचारियों का उत्पीड़न होगा। इस मौके पर अवर अभियंता देवकीनंदन आर्य, एसडीओ राकेश कुमार, आशीष पांडेय आदि मौजूद रहे।