महोबा। जिलाधिकारी अवधेश कुमार तिवारी की अध्यक्षता में श्रम योगी मानधन एवं राष्ट्रीय पेंशन योजना के क्रियांवयन को लेकर जिला स्तरीय क्रियांवयन समिति की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें डीएम ने खंड विकास अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी व उपायुक्त श्रम रोजगार को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने विभागों में असंगठित कामगारों के तौर पर कार्यरत कार्मिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराना सुनिश्चित करें।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र में नियोजित कामगारों जैसे स्वास्थ्य विभाग की आशा बहुएं, बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकत्रीं व सहायिका, शिक्षा विभाग के रसोइया व विकास विभाग के मनरेगा के अंतर्गत पंजीकृत रोजगार सेवक को सामाजिक सुरक्षा प्रदान किए जाने के लिए शुरू की गई है। जबकि राष्ट्रीय पेंशन योजना व्यापारियों जिनका वार्षिक टर्न ओवर 1.5 करोड़ से कम हो के लिए है। योजनाओं का लाभ लेने के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते है। बताया कि श्रमयोगी मानधन योजना श्रम मंत्रालय द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम व कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत असंगठित कामगारों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।
डीएम ने बताया कि योजनाओं का लाभ 18 वर्ष से 40 वर्ष तक के ही असंगठित कामगार, किसान एवं ट्रेडर्स 55 से 200 रुपये प्रतिमाह तक का अंशदान कर सकते हैं। 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद लाभार्थी को न्यूनतम 3 हजार रुपये मासिक पेंशन अनिवार्य रूप से मिलेगी। यदि पेंशन धारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी को पेंशन का 50 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलेगा। उन्होंने जिले के सभी असंगठित कामगारों से अपील करते हुए कहा कि शत प्रतिशत कामगार पंजीकरण कराते हुए इस योजना का लाभ उठाएं। बैठक में डीएफओ रामजी रॉय, एसडीएम कुलपहाड़ मो. उवैस, डीडीओ आरएस गौतम, परियोजना निदेशक डीएन पांडे, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अरुण कुमार तिवारी आदि अधिकारी मौजूद रहे।