महोबा। जिले में आई तेज आंधी किसानों पर आफत बन गई। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से फसल खेतों में बिछ गई। इससे करीब 60 फीसदी से ज्यादा फसल का नुकसान हुआ है। आंधी से फसल बर्बाद हो जाने से किसानों को कर्ज अदायगी की चिंता सताने लगी है। चारों तरफ खेतों में किसानों की गेहूं, चना, मटर और सरसों की फसल जमीन में पटी पड़ी है।
शनिवार की रात को करीब 10 बजे आई तेज आंधी के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हवाएं तेज हो गईं और तेज आंधी के साथ बारिश भी शुरू हो गई, जिससे फसल खेतों में बिछ गई। फसल नीचे गिर जाने से अब दाना नहीं बढ़ेगा। जिससे उत्पादन क्षमता में कमी आएगी। पनवाड़ी प्रतिनिधि के अनुसार ग्राम पनवाड़ी निवासी कृष्ण सेवक अग्निहोत्री, नरेंद्र पांडेय, मनप्यारे कुशवाहा, रामपाल, गोविंददास, बालादीन, ग्राम नौगांव-फदना निवासी अरविंद, जनक, प्यारेलाल, संजीव कुमार, ग्राम किल्हौवा निवासी रजनी, बृजेंद्र, प्यारे राजपूत, ग्राम दिदवारा निवासी बृजेंद्र पटेल, हरी सिंह, पप्पू सहित हजारों किसानों की फसल बर्बाद हो गई।
कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार तेज हवा और बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ग्राम सुगिरा निवासी सुधांशु अरजरिया, कालीचरण कुशवाहा, शिवसिंह राजपूत, अजय द्विवेदी, हरी अहिरवार, मोहन रैक्वार, ग्राम सतारी के संदीप, खलबल, ग्राम बूढ़ी निवासी मोती कुशवाहा, ग्राम खेड़ा ननकारी के उदयनारायण तिवारी, गया प्रसाद तिवारी, पप्पू महाराज, छत्रपाल अहिरवार, मोनू सहित तमाम किसानों की फसलें बर्बाद हो गई। गौरहारी प्रतिनिधि के अनुसार गौरहारी गांव में आशीष, मदन, सुरेश, प्यारे सहित सैकड़ों किसानों की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने फसल का सर्वे कराकर नुकसान की भरपाई कराने की मांग की है। बेलाताल प्रतिनिधि के अनुसार आंधी से भागवत प्रसाद विश्वकर्मा, खेमचंद्र यादव, राजेंद्र खरे, शिवराम, लक्ष्मी गोस्वामी सहित तमाम किसानों की फसल तबाह हो गई। उधर भरवारा गांव के अलावा महुआ, छतेसर, बृजपुर, अंडरवारा सहित एक सैकड़ा से ज्यादा गांव में फसल को नुकसान हुआ है।