कबरई (महोबा)। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में फरार चल रहे एक लाख के इनामी निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार को 10 माह बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। इंद्रकांत के भाई ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर मामले की सीबीआई जांच कराने और पाटीदार को बर्खास्त करने की मांग की।
क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने पिछले साल सात सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। आठ सितंबर को इंद्रकांत के गले में गोली लगने से 13 सितंबर को कानपुर में मौत हो गई थी। इस मामले में मणिलाल पाटीदार समेत चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
बाद में सिपाही अरुण यादव को भी आरोपी बनाया गया। चार आरोपी लखनऊ जेल में निरुद्ध हैं, जबकि निलंबित आईपीएस पाटीदार फरार हैं। उन्हें भगोड़ा घोषित किया जा चुका है, उन पर एक लाख रुपये का ईनाम घोषित है।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर इंद्रकांत त्रिपाठी के भाई विजय त्रिपाठी ने गृहमंत्री को पत्र भेजकर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। बताया कि घटना के 10 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। ऐसे में पाटीदार को शीघ्र बर्खास्त किया जाए।
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धमकी भरी पोस्ट मामले में आरोपियों पर नहीं हुई ठोस कार्रवाई
इंद्रकांत त्रिपाठी मामले में जेल में निरुद्ध सिपाही अरुण यादव के भाइयों द्वारा फेसबुक पर धमकी भरी पोस्ट किए जाने से पीड़ित परिवार परेशान है। भाई विजय त्रिपाठी ने 21 जुलाई को एसपी सुधा सिंह से शिकायत की थी।
इसके बाद आरोपी सिपाही अरुण यादव के भाई नीरज यादव और नीलेश यादव के खिलाफ कबरई थाने में धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप है कि मामला दर्ज होने के दस दिन बाद भी पुलिस ने न तो आरोपियों को कोई नोटिस दिया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की। विवेचक एसआई महेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। ड्यूटी पर आने के बाद आरोपितों को नोटिस तामील कराएंगे।