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प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटिकाओं में कैद

Sat, 05 Dec 2015 11:42 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला महोबा
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 पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के बाद 602 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मतपेटिकाओं में कैद हो गया है। वोटिंग होने के बाद एक माह से दिन रात एक एक वोट के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे प्रत्याशियों और समर्थकों ने अब राहत की सांस ली है।
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तीसरे चरण के 63 ग्राम पंचायतों के चुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला एक लाख से ज्यादा मतदाताओं ने मतपेटियों में बंद कर दिया है। शनिवार को सारा दिन प्रत्याशी और समर्थक एक एक वोट के लिए जूझते दिखाई दिए। मतदान खत्म होने के बाद चुनाव ड्यूटी में लगाए गए मतदान कार्मिक पोलिंग बूथों से मतपेटिकाएं लेकर नेहरू इंटर कालेज में बनाए गए स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखने में जुटे रहे । रात्रि नौ बजे तक मतपेटिकाएं जमा होने का काम चलता रहा।
स्ट्रांग रूम में मतपेटिकाएं रखे जाने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यहां पर 24 घंटे तीन तीन चरणों में पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है, जो दिन रात स्ट्रांग रूम में मतपेटिकाओं की सुरक्षा कर रहे हैं। मतपेटिकाएं रखने के बाद कक्षों को सील कर दिया गया है। कक्षों की खिड़कियां और दरवाजों को बंद कर दिया गया।
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प्रेक्षक और अधिकारियों ने बूथों का लिया जायजा
 पंचायत चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सारा दिन प्रेक्षक सुखलाल भारती, जिलाधिकारी वीरेश्वर सिंह, पुलिस अधीक्षक वजीह अहमद, अपर पुलिस अधीक्षक डा. रामयश, सीओ सदर संदीप सिंह, सीओ कुलपहाड़ धनंजय कुशवाहा के अलावा तमाम प्रशासनिक अधिकारी एक बूथ से दूसरे बूथ का जायजा लेते रहे। अधिकारियों की सारा दिन चली भागदौड़ के चलते चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया।

मतदाताओं की आयु की जांच करती रही टीमें
महोबा। पंचायत चुनाव में कम उम्र के लोगों को मतदान से रोकने के लिए उनकी उम्र का पता लगाने के लिए आधा दर्जन से ज्यादा डाक्टरों की टीमें बनाई गई, जो अलग अलग सेक्टरों में जाकर पोलिंग बूथों पर लाइन पर लगे कम उम्र के मतदाताओं की जांच पड़ताल करती है।
शनिवार को पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने विभिन्न बूथों पर एक सैकड़ा से ज्यादा कम उम्र के मतदाताओं की उम्र की जांच की और कम उम्र पाए जाने पर उन्हें मतदान करने से रोक दिया। जिससे इस दफा के चुनाव में कम उम्र के लोगों में खलबली मची रही।
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