कुलपहाड़ (महोबा)। कस्बे के मोहल्ला गोविंद नगर में दुल्हन की विदाई के दौरान छोटी बहन की अचानक मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गई। घटना के बाद विदाई की रस्म टाल दी गई और मृतका का अंतिम संस्कार किया गया। जिसके बाद बराती व दूल्हा बिना दुल्हन के वापस लौट गया। परिजनों का कहना है कि अब तेरहवीं कार्यक्रम के बाद बेटी की विदाई की जाएगी।
मोहल्ला गोविंद नगर निवासी मोहन कुशवाहा की पुत्री कुमारी अखिलेश की शादी महोबा शहर के मोहल्ला मलकपुरा निवासी जीतेंद्र पुत्र मुन्नालाल कुुशवाहा के साथ 21 जनवरी को तय हुई थी। मंगलवार देर शाम धूमधाम के साथ बरात वधूपक्ष के दरवाजे पर पहुंची। पूरी रात सभी वैवाहिक कार्यक्रम कराए गए। बुधवार की सुबह करीब 9 बजे विदाई की तैयारियां चल रही थी। तभी दुल्हन की छोटी बहन विनीता (17) की अचानक हालत बिगड़ गई और वह अचेत होकर जमीन पर गिर गई। आनन-फानन में परिजन उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ ले गए। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विदाई के दौरान दुल्हन की बहन की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गई। परिजनों व रिश्तेदारों में रोना-पीटना मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा भरा, लेकिन परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मनाकर दिया। तब पुलिस ने लिखा-पढ़ी के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। उधर, घटना से विदाई की रस्म टाल दी गई। बेटी के पिता मोहन कुशवाहा ने बताया कि अब तेरहवीं संस्कार के बाद विदाई की रस्म की जाएगी। घटना के बाद पड़ोसी व रिश्तेदार परिजनों को ढांढस बंधाते रहे।
डोली की जगह घर से निकली अर्थी
महोबा। शादी की सभी रस्में पूरी करने के बाद दूल्हे के साथ विदाई के लिए तैयार कुमारी अखिलेश को क्या पता था कि उसकी डोली उठने से पहले की छोटी बहन की मौत हो जाएगी और डोली की जगह से घर से अर्थी निकलेगी। अर्थी निकलने के दौरान हर आंख नम और जुबां खामोश दिखी। चारों ओर मातम नजर आया। कुछ देर पहले जहां गाजे-बाजे के साथ विदाई की तैयारियां चल रहीं थीं, वह खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।