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Mahoba News: खाद के लिए पांच हजार की भीड़, टोकन न मिलने पर हंगामा

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फोटो 08 एमएएचपी 10 परिचय-खाद के लिए लंबी-लंबी कतार में लगे महिला व पुरुष किसान। संवाद
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बेलाताल (महोबा)। रबी की फसल के लिए डीएपी खाद का इंतजार कर रहे किसानों का सब्र बृहस्पतिवार को जवाब दे गया। कस्बा जैतपुर की दो समितियों में खाद वितरण की सूचना पर 10 से अधिक गांवों के किसान तड़के चार बजे से ही लाइन में लग गए। घंटों इंतजार के बाद भी बड़ी संख्या में किसानों के हाथ खाली रह गए। टोकन खत्म होने की सूचना मिलते ही किसानों ने अव्यवस्था का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। तब पुलिस ने स्थिति संभाली। करीब पांच हजार में से चार हजार किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
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डीएपी मिलने की उम्मीद में किसान अंधेरे में ही घरों से निकल पड़े। सुबह होते-होते एसके महाविद्यालय जैतपुर के पास किसानों की लंबी कतार लग गई। देखते ही देखते भीड़ हजारों में पहुंच गई। किसानों का कहना था कि घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद उन्हें टोकन नहीं मिला। कुछ किसानों ने आरोप लगाया कि लाइन में लगे लोगों की बारी आने से पहले पीछे से टोकन बांटे गए। जब लाइन में खड़े किसानों की बारी आई तो टोकन समाप्त होने की जानकारी दी गई।
टोकन समाप्त होने की जानकारी मिलते ही किसानों में नाराजगी बढ़ गई। देखते ही देखते मौके पर भीड़ अनियंत्रित होने लगी। किसान व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विरोध करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर स्थिति संभाली। काफी देर तक मौके पर अफरातफरी का माहौल बना रहा। तहसीलदार न्यायिक विक्रम की मौजूदगी में टोकन वितरण कराया गया। किसान रामप्रताप, देवीदीन, हरीओम, प्रमोद आदि का कहना है कि फसल की बोआई का समय निकलता जा रहा है और खाद के लिए उन्हें घंटों कतार में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों ने पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध कराने व वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की है।
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पीसीएफ प्रभारी दिनेश कुमार और सहकारी संघ प्रभारी मथुरा प्रसाद ने बताया कि पीसीएफ व सहकारी बीज भंडार में एक-एक हजार बोरी डीएपी उपलब्ध हुई थी। एक किसान को एक टोकन पर दो बोरी खाद देने की व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध खाद के आधार पर ही करीब एक हजार किसानों को टोकन दिए गए लेकिन हजारों किसानों की जरूरत के मुकाबले खाद की मात्रा कम होने से बड़ी संख्या में किसान मायूस होकर लौटे। प्रभारी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता का कहना है कि परमानंद अनुरागी का कहना है कि जिले में भरपूर खाद है। सभी समितियों में नियमानुसार खाद भेजी जा रही है। किसान धैर्य बनाए रखें।

फोटो 08 एमएएचपी 10 परिचय-खाद के लिए लंबी-लंबी कतार में लगे महिला व पुरुष किसान। संवाद

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