महोबा। जानलेवा हमले के पांच साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी अपर्णा त्रिपाठी द्वितीय ने फैसला सुनाया। आरोप सिद्ध होने पर दोषी देवीदयाल को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कस्बा चरखारी के मोहल्ला टिलवापुरा निवासी शेख शमीम उर्फ मुल्लन ने पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था 11 मई 2021 की दोपहर उसका बेटा शेख शारुख घर के दरवाजे के पास बैठकर मोबाइल चला रहा था। इसी दाैरान पड़ोस में रहने वाला देवीदयाल उर्फ भूरे आया और बेटे से गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर शारुख पर तलवार से सिर पर हमला कर दिया। इससे वह घायल हो गया।
बीच-बचाव करने जब वह पहुंचा तो उस पर भी हमले की कोशिश की। बाद में आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए चला गया। बेटे को सीएचसी चरखारी से डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।