खरेला (महोबा)।
थाना खरेला के ग्राम पहरेथा में सात बीघा फसल चर जाने से आहत किसान ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक ने केसीसी से 1 लाख 17 हजार रुपये का कर्ज ले रखा था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्राम पहरेथा निवासी उमाशंकर पांडेय (53) अविवाहित था। एक साल पहले दुर्घटना में घायल होने के बाद उमाशंकर ने इलाज और फसल की बुवाई के लिए इलाहाबाद बैंक खरेला से 1 लाख 17000 हजार रुपये का केसीसी कार्ड बनवाया था।
उमा शंकर के नाम सात बीघा जमीन थी। उसने जमीन को गिरवी रखकर इस उम्मीद से कर्ज लिया था कि फसल आने पर कर्ज की अदायगी कर दी जाएगी। खेत में अच्छी फसल होने के कारण वह देर रात तक खेत में ही रखवाली करता था। दो दिन पहले वह रात में बारह बजे घर लौट आया तभी रात में अन्ना मवेशियों नेे उसकी सात बीघा फसल चट कर दी । फसल चर जाने से आहत किसान ने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी।
सोमवार सुबह नौ बजे तक उमाशंकर पांडेय के न जागने पर उसका छोटा भाई हनुमान उसे जगाने गया तो अंदर से दरवाजा बंद होने पर उसने खिड़की से झांका तो उमाशंकर पांडेय फांसी के फंदे पर लटका मिला। दरवाजा तोड़कर नीचे उतारा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
उधर एसडीएम चंद्रशेखर का कहना है नायब तहसीलदार अमरकांत सेन लेखपाल को मौके पर भेजा है । जांच कराई जा रही है। सात बीघा जमीन होने के बाद कर्जमाफी योजना में आने के बाद भी कर्ज क्यों माफ नहीं हुआ इसकी भी जांच कराई जा रही है जो इसके लिए दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।