महोबा। अपर जिला सत्र न्यायाधीश रामकिशोर शुक्ल कोर्ट नं. एक दुष्कर्म का प्रयास करने के मामले में अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए दस साल की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
तीन अक्तूबर 2017 को कोतवाली के एक गांव निवासी किशोरी अपनी पांच साल की छोटी बहन के साथ गांव के बाहर शौच क्रिया के लिए गई थी। शौच क्रिया से लौटते समय मुलायम सिंह के खेत के पास गांव का ही राहुल धोबी पुलिया पर बैठा था। उसने छोटी बहन से पानी लाने को कहा। इसी बीच वह बड़ी बहन को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। जहां पर उसने किशोरी के साथ बलात्कार का प्रयास किया। किशोरी के रोने पर वह उसे छोड़कर भाग गया। किशोरी ने घर जाकर अपने साथ घटी घटना की जानकारी दी। पीड़िता के पिता ने दुष्कर्म का प्रयास और पॉक्सो एक्ट के तहत राहुल धोबी के खिलाफ कोतवाली महोबा में तीन अक्तूबर 2017 को ही मुकदमा दर्ज करा दिया था।
शुक्रवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और बहस सुनने के बाद राहुल धोबी को दुष्कर्म का प्रयास किए जाने का दोषी ठहराते हुए उसे दस साल की सजा सुनाई। सरकार पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता इंद्रपाल सिंह और रामेश्वर यादव ने बताया कि अदालत ने अभियुक्त पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुुगतनी पड़ेगी। अभियुक्त को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दुष्कर्म के प्रयास में अभियुक्त को दस साल की कैद
-अदालत ने अभियुक्त को पुलिस हिरासत में भेजा जेल