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अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ शुरू हुआ आमरण अनशन

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पनवाड़ी महोबा। पनवाड़ी क्षेत्र की नदियों में चल रहे अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों को किसानों के खेेतों से निकाले जाने के विरोध में बुंदेलखंड किसान यूनियन भड़क उठा है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल शर्मा के नेतृत्व में आधा सैकड़ा से अधिक महिलाओं ने शुक्रवार से राठ रोड तिगैला में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। सूचना पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन पदाधिकारी कार्रवाई न होने तक अनशन जारी रखने पर अड़े रहे। जिससे अधिकारी बैरंग लौट गए।
पनवाड़ी क्षेत्र से निकली विरमा नदी में अवैध तरीके से माफियाओं द्वारा खनन कराया जा रहा है। बराना घाट में खनन कर गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग को लेकर किसान कई बार जाम व आंदोलन कर चुके है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब माफियाओं द्वारा बालू भरे ट्रकों को किसानों के खेतों से निकाला जा रहा है, जिससे किसानों के खेत बर्बाद हो रहे है। किसानों की समस्याओं को लेकर बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शुक्रवार से अवैध खनन के विरोध में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आधा सैकड़ा महिला व पुरुष कार्यकर्ताओं के साथ राठ तिगैला में अनशन पर बैठे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासन जब तक अवैध खनन कराने वाले लोगों और ओवरलोड वाहन निकालने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करता तब तक अनशन जारी रहेगा।
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यूनियन द्वारा आमरण अनशन शुरू किए जाने की सूचना पर उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ रामहर्ष मौर्य, सीओ वंशनारायण अनशन स्थल पहुंच गए और कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया, लेकिन पदाधिकारी आश्वासन पर नहीं माने। राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना था कि जब तक अवैध खनन पूरी तरह बंद नहीं कराया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा, जिससे अधिकारी बिना अनशन समाप्त कराए ही लौट आए। अनशन में यूनियन की प्रदेश मंत्री किरन पाठक, जिलाध्यक्ष देवीदीन राजपूत, भूपेंद्र, पंकज, श्रवण कुमार, शैलेंद्र मिश्रा, सचिन, अखिलेश पाठक सहित तमाम कार्यकर्ता शामिल रहे।

अवैध खनन के खिलाफ शुरू हुआ आमरण अनशन
- बुंदेलखंड किसान यूनियन के नेतृत्व में अनशन पर बैठे किसान
- खेतों से बालू भरे ट्रक निकाले जाने की शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से आक्रोश
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