महोबा। पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह ने बुधवार की रात कोतवाली चरखारी में खरेला, श्रीनगर व चरखारी के विवेचकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने लंबित विवेचनाओं में आने वाली समस्याओं की जानकारी लेते हुए समयसीमा के अंदर निस्तारण के निर्देश दिए। कहा कि चिह्नित टॉपटेन अपराधियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर हिस्ट्रीशीट खोलने की कार्रवाई की जाए।
बैठक में एसपी ने सर्किल के सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाया जाए। टॉप-10 अपराधियों के खिलाफ न्यायालय में चल रहे मुकदमों में संबंधित गवाहों को समय से तलब करा उनकी गवाही कराकर सजा दिलाने की कार्रवाई का प्रयास करें। थानों पर लंबित आरोपपत्र व अंतिम रिपोर्ट को समय से न्यायालय में दाखिल करें।
जिससे न्यायालय समय से संज्ञान लेकर अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई कर सके। उन्होंने थानों में साफ-सफाई बेहतर रखने और फरियादियों की समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही रात में गश्त पर ध्यान देने को कहा। बैठक से लौटते समय एसपी ने पीआरवी 1255 को चेक किया और कमांडर व सब कमांडर को आवश्यक निर्देश दिए।
प्रशिक्षण के समापन पर बांटे प्रमाण पत्र
महोबा। पुलिस लाइन सभागार में चल रहे 18 दिवसीय प्रशिक्षण का गुरुवार को समापन हो गया। इस मौके पर एसपी सुधा सिंह ने प्रशिक्षण ले रहे 24 पुलिसकर्मियों को प्रमाणपत्र सौंपे। बताया कि जिले में संचालित यूपी 112 के क्रियान्वयन को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस कर्मियों को बेसिक पुलिस टैक्टिस का प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें जनसंवाद, अग्निशमन यंत्रों की कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन, गाड़ियों में लगे एमडीटी डिवाइस का ऑपरेशन, एनडीआरएफ टीम द्वारा प्रशिक्षण, बच्चों व महिलाओं से संबंधित मामले, मानवीय मूल्य, तनाव प्रबंधन आदि की जानकारी दी गई। एसपी ने कहा कि पीआरवी वाहनों पर तैनात पुलिस कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण देने का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है। जिससे पुलिस की छवि मित्र पुलिस के रूप में हो सके। इस मौके पर सीओ सिटी रामप्रवेश राय, प्रतिसार निरीक्षक सैन्यजीत सिंह, पीआरओ राजेश मौर्य, यूपी-112 एसआई गयाचरन यादव, प्रशिक्षक प्रदीप शुक्ला आदि मौजूद रहे।