महोबा। गैर इरादतन हत्या के तीन वर्ष पुराने मामले में जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह प्रथम ने गुरुवार को फैसला सुनाया। आरोप सिद्घ होने पर चार अभियुक्तों को सात-सात वर्ष का कारावास व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।
थाना अजनर के बछेछरकला गांव निवासी नथुआ अहिरवार चार जुलाई 2018 की रात परिवार सहित घर था। तभी गांव के ही चार लोगों ने उसके घर के बाहर बनी ईंट की दीवार गिरा दी। जिसकी सूचना पीड़ित ने पुलिस को दी थी। पांच जुलाई की सुबह साढ़े पांच बजे नथुआ शौच के लिए खेत पर गया था। तभी पहले से घात लगाए बैठे कृपाल, मुकेश, भानसिंह व गनपत ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। शोरशराबा सुनकर ग्रामीणों को आता देख आरोपी उसे मरणासन्न अवस्था में छोड़कर धमकी देेते हुए भाग निकले। पुत्र महिपाल की तहरीर पर पुलिस ने चारों लोगों के खिलाफ हमले की रिपोर्ट दर्ज की थी। उधर, इलाज के दौरान नथुआ की मौत हो गई। इसके बाद धाराएं बढ़ाई गई।
जनपद न्यायाधीश देवेंद्र सिंह प्रथम ने मामले की सुनवाई के बाद चारों अभियुक्तों को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया। मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केशव सिंह राजपूत ने बताया कि अभियुक्त भान सिंह, मुकेश, कृपाल व गनपत को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।