महोबा। हिस्ट्रीशीटर से गैंगस्टर बने कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद पुलिस अब उसका गैंग पंजीकृत करेगी। इसके लिए पुलिस ने छत्रपाल और उसके साथियों की सूची लगभग तैयार कर ली है। जल्द ही हिस्ट्रीशीटर ब्लॉक प्रमुख का गैंग पुलिस रिकॉर्ड में पंजीकृत हो जाएगा।
शहर के समदनगर निवासी अधिवक्ता मुकेश कुमार पाठक के गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में हमीरपुर जेल में निरुद्ध कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव के कारनामों के चलते उसकी हिस्ट्रीशीट शहर कोतवाली में कई साल पहले खुल गई थी।
अधिवक्ता खुदकुशी मामले में छत्रपाल और उसके साथियों का नाम सामने आया तो पुलिस ने सभी आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की। हिस्ट्रीशीटर से गैंगस्टर बने छत्रपाल और उसके साथियों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी पुलिस कर रही है। आरोपियों की संपत्ति की ब्योरा भी लगभग पुलिस जुटा चुकी है। जल्द ही इन सभी की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई करेगी।
उधर, पुलिस ने अब छत्रपाल यादव का गैंग पंजीकृत करने की कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक शहर कोतवाली पुलिस ने छत्रपाल के साथ ही उसके साथियों का आपराधिक इतिहास जुटाने के साथ पूरा ब्योरा जुटा लिया है। अब जल्द ही छत्रपाल यादव का शातिरों के गैंग की सूची में शामिल कर उसे पंजीकृत करेगी। एसपी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव का गैंग पंजीकृत होगा। इसके लिए कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है।
कबरई ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव के खिलाफ महोबा के विभिन्न थानों में 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रदेश में वर्ष 2012 में सपा की सरकार बनने के बाद छत्रपाल के खिलाफ मामलों में 10 मुकदमों को वापस ले लिया था। सपा शासनकाल में एक कद्दावर नेता का करीबी बताकर छत्रपाल ने कई पुलिस व प्रशासनिक अफसरों से नजदीकी बना ली थी।