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मरने वाला कौन था, शातिर से उगलवाएगी पुलिस

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महोबा। मौदहा थाना क्षेत्र के भवानी गांव में साढ़े पांच साल पहले अधजला शव किसका था और उसे किसने और क्यों मारा। इन सवालों का मौदहा थाना पुलिस अभी तक उत्तर नहीं ढूंढ सकी है। मामले की तह तक जाने के लिए विवेचक मौदहा थाना प्रभारी ने महोबा की एक कोर्ट में अर्जी देकर सजा से बचने के लिए खुद की हत्या की साजिश रचने वाले शातिर बिंदादीन की कस्टडी रिमांड मांगी थी। इस पर सुनवाई हुई। इस दौरान मंगलवार को बिंदादीन को महोबा जेल से कोर्ट लाया गया था। पुलिस को दो दिन की कस्टडी रिमांड मिल गई है।
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खन्ना गांव निवासी मंगी का पुत्र बिंदादीन उर्फ विनडोला शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या, लूट समेत जघन्य अपराधों के 24 से ज्यादा मामले हमीरपुर, महोबा समेत कई जिलों में दर्ज हैं। इन अपराधों में सजा से बचने के लिए बिंदादीन साजिश के तहत 16 मई 2015 को घर से लापता हो गया था। अगले दिन मौदहा थाना क्षेत्र के भवानी गांव में एक व्यक्ति का शव अधजला शव मिला था। मौके पर पहुंचे पिता मंगी और भाई हरिदास ने शव की शिनाख्त बिंदादीन के रूप में की। इस मामले में मंगी ने पड़ोसी भगवानदीन उर्फ कल्लू, उसके भाई भाऊ व पिता रतिया के खिलाफ हत्या का मामला मौदहा कोतवाली में दर्ज कराया था। घटना की पीछे जमीन विवाद बताया था। इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस को विवेचना के दौरान पता चला कि बिंदादीन की हत्या नहीं हुई थी, वह तो जिंदा और महोबा जेल में डकैती के मामले में बंद है। इसके बाद सवाल उठा कि आखिर भवानी गांव में मिला अधजला शव किसका था। इन्हीं सवालों का जवाब ढूंढने की कोशिश पुलिस ने शुरू कर दी है। मामले की विवेचना कर रहे मौदहा थाना प्रभारी मनोज मिश्रा ने महोबा कोर्ट में अर्जी देकर बिंदादीन की कस्टडी रिमांड मांगी। मंगलवार को कस्टडी रिमांड की सुनवाई के लिए बिंदादीन को महोबा जेल से कोर्ट में पेश किया गया। देर शाम पुलिस को दो दिन की कस्टडी रिमांड मिल गई।
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11 फरवरी को कोर्ट में दी खारिजा रिपोर्ट
शातिर बिंदादीन की हत्या के आरोप में भगवानदीन उर्फ कल्लू, उसके भाई भाऊ व पिता रतिया ने चार महीने से ज्यादा समय तक जेल काटी थी। विवेचना में बिंदादीन के जिंदा और महोबा जेल में बंद होने की बात सामने आई थी। तब पुलिस इसकी जानकारी कोर्ट को देते हुए रिपोर्ट भेजी थी। इसके आधार पर तीनों आरोपी जेल से रिहा हो सके थे, लेकिन विवेचना चल रही थी। इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा, राजकुमार समेत चार इंस्पेक्टरों ने पहले इस मामले की विवेचना की। इसके बाद वर्तमान थाना प्रभारी मनोज मिश्रा को विवेचना मिली। थाना प्रभारी ने साक्ष्यों व सबूतों के आधार 11 फरवरी 2021 को आरोपी रहे भगवानदीन, भऊ और रतिया को क्लीन चिट देते हुए कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दे दी। इसमें कहा गया कि तीनों आरोपियों को हत्या के मामले में झूठा फंसाया गया था, जिस बिंदादीन की हत्या का आरोप था, वह जिंदा है और महोबा जेल में बंद है।
नहीं रहा डीएनए टेस्ट का औचित्य
वर्ष 2015 में मौदहा थाना पुलिस ने मृतक को बेटा बताने वाले मंगी और अधजले शव का डीएएन मिलान के लिए नमूना फोरेंसिक लैब लखनऊ को भेजा था। बिंदादीन के जीवित होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने इनकी डीएनए रिपोर्ट जानने का प्रयास नहीं किया। यहीं वजह है कि आज तक मरने वाली डीएनए रिपोर्ट थाने में नहीं आई।
2018 में घर में डाली थी डकैती
शातिर बिंदादीन ने साथियों के साथ सिरकी गांव, खन्ना निवासी कुलदीप मिश्रा के घर में घुसकर असलहों के बल पर डकैती डाली थी। इस मामले में 9 जून 2018 को कुलदीप ने डकैती व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 2018 में ही पुलिस ने बिंदादीन को गिरफ्तार करके महोबा जेल भेजा था। तब से वह जेल में निरुद्ध है।
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